मंत्री महेंद्र ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सबसे ज्यादा करुणामूलक नौकरियां दी हैं। तेल के सैंपल हर हफ्ते भरे जाते हैं। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पूरे प्रदेश में गो सदन खोले गए हैं। विधायक नरेंद्र ठाकुर ने कहा विपक्ष भी राजस्व जुटाने का सुझाव दे सकता है। विपक्ष बजट को झूठ का पुलिंदा कह रहा है।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बना रही है। सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। मंत्री ने कहा कि हिमाचल को जातिवाद और क्षेत्रवाद में न बांटा जाए। सरकार समग्र हिमाचल का विकास कर रही है। सदन की कार्यवाही रात नौ बजकर सात मिनट तक चल चली। कांग्रेस विधायक पवन काजल ने बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि आउटसोर्स और करुणामूलक की सुध नहीं ली गई है। ये लंबे समय से हड़ताल कर रहे हैं। डिपो में खराब दालें और तेल बेचा जा रहा है। लोग शिकायतें कर रहे हैं। गो सदन कहां खोले गए हैं। मंत्री महेंद्र ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सबसे ज्यादा करुणामूलक नौकरियां दी हैं। तेल के सैंपल हर हफ्ते भरे जाते हैं।
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पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पूरे प्रदेश में गो सदन खोले गए हैं। विधायक नरेंद्र ठाकुर ने कहा विपक्ष भी राजस्व जुटाने का सुझाव दे सकता है। विपक्ष बजट को झूठ का पुलिंदा कह रहा है। संजय अवस्थी ने कहा कि विधायक निधि के कामों की डीपीआर चार साल तक नहीं बनती। विधायक कमलेश कुमारी ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा है। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि बजट प्रस्तुत करते समय ऐसा लगा रहा था जैसे किसी कवि सम्मेलन में बैठा हूं। विधायक होशियार सिंह, नंद लाल, रीना कश्यप, विनय कुमार, हीरा लाल, मोहन लाल, जिया लाल, सुंदर ठाकुर, किशोरी लाल, सतपाल रायजादा, सुरेंद्र शौरी, भवनी सिंह, इंद्र कुमार, मूलख राज और रविंद्र कुमार ने चर्चा में हिस्सा लिया।
एचआटीसी कर्मचारियों को देय राशि का नियमित रूप से भुगतान
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों के सभी वर्गों के वेतन, भत्ते आदि तय समय अवधि के दौरान दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम में वर्षों से चली आ रही घाटे की नीति को समाप्त करने के लिए प्रयासरत है। निगम में पेंशन भोगियों को भी उनकी मांग तथा अधिकारों के अनुरूप समय- समय पर देय राशि का भुगतान किया जा रहा है। बिक्रम सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में पेंशनरों को डीसीआरजी के रूप में 105.50 करोड़ रुपये की राशि की अदायगी की थी। इसी प्रकार पिछली सरकार ने पेंशनरों को लीव एन कैशमेंट के रूप में 70.50 करोड़ रुपये की अदायगी की थी जबकि वर्तमान सरकार मात्र चार वर्षों में 69.89 करोड़ रुपये की अदायगी कर चुकी है। चिकित्सा बिलों के एवज में पिछली सरकार ने पेंशनरों को 7.53 करोड़ रुपये की अदायगी की। वर्तमान सरकार इस पर 12.23 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर चुकी है।