हिमाचल विधानसभा में राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र शुरू हो गया। सीएम वीरभद्र सिंह 18 मार्च को बजट पेश करेंगे। इस बार बजट सत्र सर्द शिमला में खूब गरम रहने की उम्मीद है। विपक्ष आने वाले दिनों में हर मोर्चे पर सत्ता पक्ष को घेरना चाहेगा। भाजपा दफ्तर के बाहर खूनी झड़प पर विपक्ष पूरा फोकस रखने की तैयारी में है।
भ्रष्टाचार, अवैध खनन, शराब ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया आदि कई अन्य मुद्दों पर भी भाजपा के विधायक एक सुर में सत्ता पक्ष पर हमला बोल सकते हैं। कांग्रेस सरकार के पिछले साल के बजट सत्र में भी भाजपा विधायकों ने खूब हंगामा किया था।
तत्कालीन राज्यपाल उर्मिला सिंह के बजट अभिभाषण तक में रुकावट पैदा हो गई थी। मुख्यमंत्री के बजट भाषण के बीच भी खूब विरोध-हंगामा हुआ था। पिछली बार तो कई विधेयकों को बिना विपक्ष के ही सदन पटल पर रखने की नौबत आ गई थी।
कड़े तेवर अपना सकता है विपक्ष
प्रश्नकाल में भाजपा विधायकों के सवाल तक बगैर पूछे रह गए थे। इस बार बजट अभिभाषण राज्यपाल कल्याण सिंह पढ़ेंगे। माना जा रहा है कि इसीलिए शायद अभिभाषण में वैसा गतिरोध न हो। हालांकि, विधायी कार्यों के बीच में विपक्ष अपने पुराने तेवरों में आ सकता है।
सत्ता पक्ष की चुनौतियां सदन के भीतर और बाहर दोनों तरफ रहेंगी। सत्तासीन कांग्रेस को सदन के भीतर भाजपा विधायकों का सामना करना होगा, तो विधानसभा के बाहर भी कई राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों का सामना करना पड़ सकता है।
मजदूरों, कर्मचारियों के संगठन और अन्य कई समूह जहां विधानसभा के बाहर धरने-प्रदर्शन का ऐलान कर चुके हैं, ऐसे में भीतर की तरह ही बाहर की स्थिति को संभालना सरकार के लिए अलग चैलेंज होगा। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भाजपा हिमाचल की जनता के हितों के तमाम मुद्दों को हर बार की तरह विधानसभा में पूरी शिद्दत से उठाएगी।
ये रहेगा पूरा शेड्यूल
हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र बुधवार सुबह 11.00 बजे से राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा। एक माह 10 अप्रैल तक चलने वाले सत्र में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 18 मार्च को बजट पेश करेंगे। सत्र में 22 बैठकें प्रस्तावित हैं।मंगलवार तक 786 सवाल आ चुके हैं। सर्द फिजाओं में कई मुद्दों पर सदन गरमाने के आसार हैं। 12वीं विधानसभा का यह 8वां सत्र होगा।
सत्र के पहले दिन बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 12.30 बजे शोकोद्गार होगा। उसके बाद विधायी कार्य शुरू होंगे। वित्त वर्ष 2014-15 के अनुपूरक बजट की प्रथम एवं अंतिम किस्त प्रस्तुत करने के बाद सत्र के पहले दिन का समापन होगा।
12 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और 13 मार्च को अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा। सत्र में वित्त विधेयक, नया स्पोर्ट्स बिल, शहरी एवं नगर नियोजन संशोधन विधेयक, मूल्य वर्द्धित कर संशोधन विधेयक आदि लाने की तैयारी है।
विधानसभा परिसर में आज कैबिनेट बैठक
विधानसभा के बजट सत्रारंभ के पहले दिन बुधवार शाम छह बजे मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई गई है। यह बैठक विधानसभा के परिसर में ही प्रस्तावित है। इसमें शहरी एवं नगर नियोजन विधेयक पर चर्चा संभावित है।
वहीं विधानसभा परिसर में स्पीकर बृज बिहारी बुटेल ने सर्वदलीय बैठक ली। इसमें मुकेश अग्निहोत्री, सुरेश भारद्वाज और हिलोपा के विधायक महेश्वर सिंह मौजूद हुए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को ठीक से चलने देने का आग्रह किया।
इससे पहले सत्र की सूचना देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष बुटेल राज्यपाल कल्याण सिंह से मिले। बाद में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भेंट की। शाम को विधानसभा बजट सत्र के लिए कांग्रेस और भाजपा विधायक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ रणनीति बनाई।
सीएम से मिलेंगे पीटीए शिक्षक
वहीं पीटीए अनुबंध शिक्षकों ने 13 मार्च को विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलने का फैसला किया है। शिक्षकों का कहना है कि दो सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल को जो आश्वासन दिए गए थे, उन पर विभाग ने कार्य शुरू नहीं किया है।
पीटीए अनुबंध शिक्षक संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने करीब 1100 शिक्षकों को अनुबंध पर लाने, हटाए गए शिक्षकों की बहाली और ग्रांट इन एड देने की मांग को जायज करार देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। उन्होंने कहा कि 13 मार्च को विधानसभा परिसर में मिलने के बाद 14 मार्च को संघ ने बैठक बुलाई है। बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी।
आठ साल से नहीं मिला मानदेय
2006-07 में बैन पीरियड में लगे पीटीए शिक्षकों को अभी तक मानदेय नहीं मिला है। इन शिक्षकों की मांग है कि महंगाई के इस दौर में वे 2006-07 से मुफ्त में पढ़ा रहे हैं। इसके अलावा जिन शिक्षकों को अनुबंध में नहीं लिया जाता, तब तक उन्हें अनुबंध शिक्षकों का 95 फीसदी मानदेय मिले। जिन शिक्षकों को ट्रांसफर और प्रमोशन की प्रक्रिया के दौरान हटाया गया, उन शिक्षकों को भी बहाल करने की मांग की जाएगी। करीब 100 ऐसे शिक्षक हैं जो बहाली की राह देख रहे हैं।
विधानसभा के बाहर रैली निकालेंगे अनुबंध कर्मी
उधर, हिमाचल के अनुबंध कर्मचारियों ने 13 मार्च को विधानसभा के बाहर रैली करने का फैसला लिया है। प्रदेश भर के लगभग 40 हजार अनुबंध कर्मचारी पांच साल से नियमित नहीं हुए हैं। लिहाजा, ये कर्मचारी रैली कर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष पवन सैनी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महासंघ को बजट सत्र से ढेरों उम्मीदें हैं।
कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। कर्मचारियों को अनुबंध पर पांच वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन रेगुलर नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार बजट कम होने का रोना रोती रही है, लेकिन अब केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग में प्रदेश सरकार को काफी बजट दिया है। आम बजट में भी कर्मचारियों को राहत की बात कही गई है। ऐसे में राज्य सरकार से उम्मीद है कि बजट सत्र में अनुबंध कर्मचारियों को राहत मिलेगी।