धर्मशाला में 29 नवंबर को होने वाला प्रमुख तिब्बती बौद्ध परंपराओं के प्रमुखों का महत्वपूर्ण 13वां धर्म सम्मेलन स्थगित हो गया है। इसमें धर्मगुरु दलाईलामा, धर्मगुरु करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे सहित कई तिब्बती प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लेना था।
इससे यह भी तय होना था कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अमेरिका में रह रहे करमापा की भारत वापसी हो रही है कि नहीं। अमेरिका में कुछ माह पहले तिब्बती चैनल को दिए इंटरव्यू में करमापा ने खुद कहा था कि वे नवंबर में धर्मशाला में होने वाले धर्म सम्मेलन में भाग लेने आएंगे।
अब सम्मेलन स्थगित होने से करमापा की नवंबर में भारत वापसी पर प्रश्नचिह्न लग गया है। धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार के धर्म एवं संस्कृति विभाग धर्म सम्मेलन करवा रहा था।
इसे स्थगित करने का फैसला तिब्बतियन बौद्ध धर्म के नयिंग्मा सेक्ट के प्रमुख काठोक गेत्से रिंपोंछे के 19 नवंबर को हुए निधन के चलते लिया है। धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि बौद्ध धर्म के बहुत महत्वपूर्ण नयिंग्मा लामा का निधन हो गया है।
इसलिए, हमें लगा कि इस दुखदायी माहौल में धर्मशाला में धर्म सम्मेलन करवाना उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि 29 नवंबर को धर्मशाला में होने वाले बौद्ध धर्म सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं, क्योंकि इसके जरिये
करमापा की भारत वापसी की अटकलें लगाई जा रही थीं, वहीं दलाईलामा के पुनर्जन्म को लेकर भी बौद्ध धर्म के प्रमुख संप्रदायों के प्रमुखों ने चर्चा करनी थी। अब धर्म सम्मेलन स्थगित होने से फिलहाल कई अटकलों पर विराम लग गया है।