यह प्लांट गुजरात के आनंद की तर्ज पर बनेगा। यह प्लांट छह महीने के भीतर बनकर तैयार होगा। यह प्लांट कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों का केंद्र होगा। इसी तर्ज पर नाहन और नालागढ़ में भी 35-35 करोड़ के प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाने की योजना है और उनका शिलान्यास एक महीने के भीतर किया जाएगा, ताकि ये भी जल्द बनकर तैयार हो सकें। कुल्लू के मौहल में 35 करोड़ रुपये की क्षमता बाला प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जाएगा। हमीरपुर और ऊना में भी 18-18 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। साथ में शिमला के रोहडू में भी प्लांट लगाने क योजना है।
बोले प्रदेश में यह हटकर हो रहा काम
बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में हिमाचल प्रदेश ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां किसानों को दूध का समर्थन मूल्य मिल रहा है। किसानों को गाय के दूध की मात्रा और गुणवत्ता कैसे बढ़े, इसको लेकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे राज्यों की तुलना में दुग्ध सोसायटियों को भी कमीशन ज्यादा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मिल्कफेड शिमला से ही ईआरपी एप के जरिए कलेक्शन सेंटर से लेकर चिलिंग प्लांट तक नजर बनाए हुए हैं, ताकि दूध की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।