मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत बीएसएनएल कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल करेंगे। कर्मचारी दो दिन का वेतन भी कटवाएंगे। 21 और 22 अप्रैल को हड़ताल की जाएगी। फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियंस/ एसोसिएशंस के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को कर्मचारियों ने कमर कस ली है। बीएसएनएल बचाओ-राष्ट्र बचाओ नारे के साथ कर्मचारियों ने 20 मांगें रखी हैं।
कर्मचारियों ने व्यापक अभियान चलाओ और हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाओ के पोस्टर भी छापे हैं। हड़ताल के चलते उपभोक्ताओं को दो दिन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मांगों को लेकर बीएसएनएल कर्मचारियों ने दिसंबर में भी प्रदर्शन किया था।
बावजूद इसके उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। इसके रोषस्वरूप उन्होंने दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। उधर, बीएसएनएल बिलासपुर में तैनात एक्सईएन पीसी धीमान ने बताया कि कर्मचारी 21 और 22 अप्रैल को हड़ताल पर जा रहे हैं।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
1. उपकरणों की शीघ्र खरीद, 2. बीएसएनएल को घाटा करने वाली ग्रामीण सेवाओं के लिए क्षतिपूर्ति, 3. बीएसएनएल सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता देने, 4. बीएसएनएल और एमटीएनएल का विलय न करने, 5. कोई सहायक टॉवर कंपनी नहीं-बीबीएनएल का बीएसएनएल 6. 1.2 मेगाहट्स स्पेक्ट्रम सरेंडर करने की टीआरएआई की सिफारिश रद्द करने के साथ विलय
7. बीएसएनएल में निदेशकों के पद भरने, 8. बीएसएनएल को उसकी संपत्तियों को ट्रांसफर करने, 9. 6700 करोड़ के स्पेक्ट्रम चार्जेज का रिफंड करने, 10. बीएसएनएल सेवाओं को केंद्र/राज्य सरकारों, पीएसयूज के लिए अनिवार्य करना, 11. बीएसएनएल द्वारा स्पेक्ट्रम उदारीकरण, 12. डेलोइटी कमेटी बीएसएनएल विरोधी, मजदूर विरोधी सिफारिशों को रद्द करना, 13. बीएसएनएल को स्पेक्ट्रम मुफ्त आवंटित करना
14. बीएसएनएल की 4जी सेवाएं शुरू करनो, 15. आईटीआई से उपकरणों की कोई अनिवार्य खरीद नहीं, 16. 78.2 फीसदी की ग्रांट, 17. बीएसएनएल सेवानिवृत्तों का नियमित पेंशन संशोधन, 18. पेंशन अंशदान अधिकतम वेतन की बजाय वास्तविक मूल वेतन पर, 19. बीएसएनएल सीधी भर्तियों को 30 फीसदी सेवानिवृत्ति लाभ, 20. स्टाफ की नई भर्ती।