शिमला के नामी और बड़े कारोबारियों पर बंधुआ मजदूरी के आरोप लगे हैं। पुलिस को लगातार इसकी शिकायतें मिल रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत पत्र में शहर के कुछ बड़े कारोबारियों को भी लपेटा गया है।
इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने फौरी कार्रवाई करते हुए शहर के कारोबारियों से उनके यहां काम कर रहे कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा है लेकिन अधिकांश कारोबारी पूरा विवरण पुलिस को देने से बच रहे हैं, लिहाजा पलिस प्रशासन की ओर से एक बार फिर से कारोबारियों को रिमाइंडर भेज विवरण मांगा गया है।
कारोबारियों को जारी किए गए पत्र में पुलिस प्रशासन ने बंधुआ मजदूरों को लेकर सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अगर कोई कारोबारी इस संबंध में जवाब नहीं देता तो यह समझा जाएगा कि उन पर लगाए गए आरोप सही हैं। इसके बाद पुलिस नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।
कारोबारियों से यह मांगी है जानकारी
- दुकान में कितने कर्मचारी रखे हैं
- कर्मचारी का स्थायी पता और उसकी पहचान संबंधी दस्तावेज
- कर्मचारी से कितने समय तक काम करवाया जाता है
- इन्हें कितना वेतन दिया जाता है
- इन्हें साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है या नहीं
- इनकी आयु कितनी है आयु संबंधित दस्तावेज
- क्या इनका पंजीकरण संबंधित थाना में किया गया है या नहीं
शिकायत पत्र मिले हैं : एएसपी
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि उन्हें कुछ शिकायत पत्र मिले हैं। इसमें कहा गया है कि कुछ कारोबारी बंधुआ मजदूरी करवा रहे हैं। उन्हें छुट्टी नहीं देते, वेतन भी समय पर नहीं मिलता है। इस तरह के कई आरोप हैं। मामले की जांच के लिए कारोबारियों से सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। विवरण मिलने के बाद पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।