डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि शिक्षा बोर्ड अधिनियम-1968 में अस्तित्व में आया है और वर्ष 2009 से पहली बार आयकर विभाग की ओर से शिक्षा बोर्ड के खातों की जांच और मूल्यांकन किया गया और आयकर विभाग की ओर से बोर्ड पर आयकर लगाया था।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर किया जाए। यह मांग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में भेंट के दौरान उठाई। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग उठाई कि बोर्ड को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर किया जाए। डॉ. सोनी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि शिक्षा बोर्ड अधिनियम-1968 में अस्तित्व में आया है और वर्ष 2009 से पहली बार आयकर विभाग की ओर से शिक्षा बोर्ड के खातों की जांच और मूल्यांकन किया गया और आयकर विभाग की ओर से बोर्ड पर आयकर लगाया था।
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उन्होंने बताया कि वे पहले भी इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, तत्कालीन शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के माध्यम से उठा चुके हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने पूरे मामले को ध्यान से सुनने के बाद उन्हें दिए गए दस्तावेजों सहित मामले को संबंधित विभाग को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा है।