उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। संबंधित कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पाइप में क्रेक थे और इससे गैस का रिसाव हुआ। इस वजह से यह हादसा हुआ। सिलिंडर में किसी तरह की कोई खामी नहीं पाई गई।
उपमंडलीय अग्निशमन अधिकारी डीसी शर्मा के मुताबिक धीरे-धीरे गैस का रिसाव होता रहता है और गैस कमरे के भीतर एकत्र हो जाती है। आक्सीजन के साथ मिक्स होकर यह गैस एक गोले का रूप ले लेती है। इस दौरान जब कोई बिजली का स्विच ऑन करता है या फिर माचिस जलाने की कोशिश करता है तो गैस को चिंगारी मिलते ही धमाका हो जाता है।
अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि कुछ एहतियात बरतने पर ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। सिलिंडर की सप्लाई लेते हुए इसे जानकार से ही लगवाएं।
सप्लाई पाइप के पुराना होने पर इसे बदलते रहें, अच्छी क्वालिटी की आईएसआई मार्क पाइप ही इस्तेमाल करें। गैस चूल्हे पर बराबर नजर रखें। कई बार हवा से भी आंच बंद हो जाती है और गैस रिसाव होता रहता है। किचन में उचित हवा की निकासी होना जरूरी है।
गैस की दुर्गंध आने की स्थिति में कमरे में कोई भी स्विच ऑन न करें। सबसे पहले खिड़की दरवाजे खोलें ताकि गैस बाहर निकल जाए जाए। रिसाव होने पर संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर रेगुलेटर को चेक करवाएं।