राजीव बिंदल ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशव्यापी स्तर पर दूरदर्शी और समयानुकूल योजना का शुभारंभ किया है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी योजना नए आयाम स्थापित करेगी। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत की आजादी के बाद समय-समय पर विभिन्न सरकारों ने ग्रामीण रोजगार की दिशा में योजनाएं चलाईं। वर्ष 1960-61 में रूरल मैनपावर प्रोग्राम से लेकर 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) तक अनेक योजनाएं लागू की गईं। मनरेगा वर्ष 2005 से 2025 तक चली, लेकिन बदलती सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों, अनुभवों और जमीनी कमियों को देखते हुए एक नई, अधिक प्रभावी और विकास आधारित योजना की आवश्यकता महसूस हुई। इसके परिणामस्वरूप वीबी जी राम जी अधिनियम अस्तित्व में आया।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मनरेगा में 100 दिन की रोजगार गारंटी थी, लेकिन वास्तविकता यह रही कि औसतन केवल 50.4 दिन का ही रोजगार सृजन हो पाया। इसके विपरीत वीबी जी राम जी योजना में 125 दिन की कानूनी गारंटी दी गई है, जो विकास परियोजनाओं से जुड़ी होगी। इस योजना के तहत ग्राम सभा स्तर पर गांव का विकास प्लान तैयार होगा, जो ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा। यह योजना पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मल्टी लेवल मॉनिटरिंग, छह माह में समीक्षा और टाइम बाउंड पेमेंट का स्पष्ट प्रावधान इसमें शामिल है।