अनुराग ठाकुर का राजनीतिक सफर
अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्तूबर 1974 को हमीरपुर के समीरपुर गांव में हुआ।अनुराग हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल एवं शीला देवी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। उन्होने जालंधर के दोआब कॉलेज से बीए किया। पहली बार मई 2008 में भाजपा से लोकसभा के लिए चुने गए। संसदीय सीट हमीरपुर से अनुराग ठाकुर पिछले चार चुनाव लगातार जीते हैं। वे 14वीं, 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा के सदस्य हैं। जनवरी 2019 में संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले भाजपा के पहले सांसद बने। अनुराग वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, खेल व युवा सेवाएं मंत्री हैं। इससे पहले ठाकुर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। 25 साल की उम्र में अनुराग हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। 2010 में उन्हें अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अनुराग ठाकुर ने नवंबर 2000 में जम्मू और कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेला था।
अनुराग के नाम ये उपलब्धियां भी
20 जनवरी 2019 को संसद रत्न सम्मान से सम्मानित हुए
भारतीय जूनियर क्रिकेट टीमों का चयन करने के लिए वर्ष 2001 में 26 साल की उम्र में सबसे युवा राष्ट्रीय चयनकर्ता बने।
हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे।
हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव बने।
हॉकी हिमाचल प्रदेश के महासचिव भी रहे।
भारतीय ओलंपिक संघ के कार्यकारी सदस्य भी रहे।
बीसीसीआई के संयुक्त सचिव रहे और 22 मई 2016 को बीसीसीआई के अध्यक्ष चुने गए।
अनुराग 34वें और दूसरे कम उम्र के अध्यक्ष बने।
अनुराग ठाकुर जुलाई 2016 में प्रादेशिक सेना का हिस्सा बने। बाद में उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।
सुरेश कश्यप ने बीडीसी से शुरू किया राजनीतिक सफर
सुरेश कश्यप ने बीडीसी के चुनाव से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उनका जन्म 23 मार्च 1971 को बजगा पंचायत के पपलाह गांव में हुआ। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गागल शिकोर स्कूल और उच्च शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराहां में हुई। उनके पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं और माता गृहिणी हैं। 24 अप्रैल 1988 को सुरेश कश्यप एयरफोर्स में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। 16 साल तक सेवाएं देने के बाद वर्ष 2004 में एयरफोर्स से एसएनसीओ के पद से सेवानिवृत्त हुए। एयरफोर्स में नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा को जारी रखी। इस दौरान उन्होंने लोक प्रशासन में एमए, टूरिज्म और पीजीडीसीए में डिप्लोमा किया।
सेवानिवृत्त होने के बाद लोक प्रशासन में एमफिल किया। वर्ष 2005 में पच्छाद बीडीसी के बजगा वार्ड के पंचायत समिति सदस्य बने। इस बीच वर्ष 2007 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा। जिसमें वह गंगू राम मुसाफिर से हार गए। 2012 में दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा और पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2017 में तीसरी बार विधानसभा का चुनाव जीता। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और वह रिकॉर्ड मतों से जीते।