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सर्जिकल स्ट्राइक पर दिए बयान को लेकर भाजपा के निशाने पर वीरभद्र

Tue, 04 Oct 2016 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सीएम वीरभद्र का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस कर रही है।
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जब प्रधानमंत्री पर बदले का दबाव था तो कांग्रेस बयानबाजी से बाज नहीं आई और अब पीएम के कुशल नेतृत्व में सेना ने कार्रवाई की तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उसके कारनामे ही ले डूबेंगे।

गौरतलब है कि सीएम वीरभद्र ने बयान दिया था कि भाजपा इस स्ट्राइक का राजनीतिक लाभ न लें। धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर गंभीर आरोपों के चलते ईडी ने उनकी करोड़ों की संपत्ति जब्त करने का फैसला लिया है।
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भाजपा ऊना में चल रही तीन दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाएगी और सीएम के खिलाफ आक्रामक होगी। बैठक से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने कहा कि भाजपा ने सीएम पर तथ्यों सहित आरोप लगाए थे जो आज प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से साबित हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है।

भाजपा 50 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसे नीतिगत ढंग से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, विधायक रणधीर शर्मा, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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'सीएम से कांग्रेस संगठन ही नहीं, पब्लिक भी परेशान'

प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चों के प्रमुखों की बैठक में अपने अध्यक्षीय भाषण में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि भाजपा का शक्ति पुंज निष्ठावान कार्यकर्ता है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर आज भाजपा प्रदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन गया है।

प्रदेश सरकार की असफलताओं के चलते जनता की अपेक्षा अब केवल भाजपा से है। सत्ती ने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त सरकार व तानाशाही प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री से जनता के साथ-साथ उनका संगठन भी परेशान है। कांग्रेस सरकार के लगभग चार वर्ष मुख्यमंत्री व उनके परिवार के भ्रष्टाचार के कारनामों के खुलासों को सुनते-सुनते बीत गए।

इस दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था का जनाजा निकल गया है। चुने हुए प्रतिनिधियों के बजाय माफिया राज कर रहे हैं। केंद्र के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है और प्रदेश के संसाधनों की खुली लूट की जा रही है। कोई शक नहीं कि आगामी चुनावों के पश्चात हिमाचल भी पूरी तरह से कांग्रेस मुक्त हो जाएगा।
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