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चंडीगढ़: भाजपा की हार पर मंथन आज, दो मंत्रियों की कुर्सी पर मंडराया खतरा

Mon, 15 Nov 2021 12:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल भाजपा की इस हार के बाद प्रदेश में दो मंत्रियों के बदले जाने की भी चर्चा है। प्रदेश मंत्रिमंडल में नए चेहरों को लाने पर भी खूब चर्चा हो रही है। जो मंत्री अपने क्षेत्रों में ही भाजपा को लीड दिलाने में नाकाम रहे, उनकी कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।
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भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ में भाजपा की हार पर सोमवार को मंथन होगा। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह करेंगे। बैठक में उपचुनाव में हारने के संबंध में चर्चा होगी। इसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप आदि नेता जाएंगे। भाजपा के राज्य प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन भी हिस्सा लेंगे।   

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दूसरी ओर, हिमाचल भाजपा की इस हार के बाद प्रदेश में दो मंत्रियों के बदले जाने की भी चर्चा है। प्रदेश मंत्रिमंडल में नए चेहरों को लाने पर भी खूब चर्चा हो रही है। जो मंत्री अपने क्षेत्रों में ही भाजपा को लीड दिलाने में नाकाम रहे, उनकी कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। इनके अलावा चुनाव क्षेत्र के प्रभारी मंत्रियों की स्थिति भी सहज नहीं मानी जा रही है। संगठन में भी ऊपर से नीचे तक बदलाव हो सकते हैं। भाजपा हाईकमान अगले साल के विधानसभा चुनाव लक्षित कर कुछ अप्रत्याशित निर्णय भी ले सकता है। 

भाजपा हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव में चारों सीटें हार गई है। मंडी में लोकसभा सीट के अलावा भाजपा की अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई में भी विधानसभा सीटों पर हार हुई है। इस हार की देशव्यापी चर्चा हुई। चूंकि, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का गृह राज्य हिमाचल प्रदेश ही है तो इस हार पर कड़ा संज्ञान लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठन के कई चेहरों पर गाज भी गिर सकती है। इससे ऐसे कई चेहरे परेशानी में हैं। 
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मंडी सीट से संबंधित दो मंत्रियों को तो नड्डा दिल्ली भी बुला चुके हैं। तीन और मंत्रियों की क्लास लगने वाली है। सोमवार को चंडीगढ़ में होने जा रही बैठक में प्रत्याशियों और भाजपा के मंडल अध्यक्षों से लिए जा रहे फीडबैक पर चर्चा हो सकती है। इसके बाद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होनी है। तमाम चर्चाओं के बाद हाईकमान को भी रिपोर्ट सौंपी जानी है। 

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