भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि राजनीति में अगर आगे बढ़ना है तो अपना अकाउंट भी आगे बढ़ाना पड़ता है। मैं एक अच्छा ऑडिटर हूं। जब किसी से बात करता हूं, तो ऑडिट करके बात करता हूं। उन्होंने कहा कि हर चुनाव का अपना एक रिपोर्ट कार्ड होता है। ऐसे में सभी चुने हुए भाजपा समर्थित प्रतिनिधि सुनिश्चित करें कि आपके इलाके में सेंध न लगे।
नड्डा रविवार को कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्रों में आयोजित पंच परमेश्वर सम्मेलनों में संबोधित कर रहे थे। कांगड़ा के शाहपुर में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद मुझे आप सभी से आकलन चाहिए कि आपके विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को कितने वोट पड़े हैं। आपने कितने लोगों से बात की थी।
उन्होंने कहा कि पार्टी समर्थित हर प्रतिनिधि के पास सिलेबस के रूप में तीन आंकड़े होने चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार की क्या योजनाएं हैं। आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं में क्या अंतर है और राष्ट्रीय स्तर से लेकर आपके इलाके में इन योजनाओं के कितने लाभार्थी हैं। नड्डा ने कहा कि सब प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर संपर्क बनाए रखें। वकील, डॉक्टर, अध्यापक, इंजीनियर, लेखक या कवि जैसे समाज के प्रभावशाली लोगों को अपने साथ जोड़ें।
चार-चार पीढ़ियां खपी हैं, तब भाजपा में यह ताकत आई है। विरोधियों को अगर भाजपा से मुकाबला करना है तो 45 साल की तपस्या करनी पड़ेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के पंच परमेश्वर सम्मेलन में कहा कि उन्हें उनकी ताकत का एहसास कराने आए हैं। विधानसभा चुनाव आ रहे हैं। आज संकल्प लेना होगा कि हम अपनी साधना और तपस्या को जाया नहीं करेंगे।
अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक कार्यकर्ता से संपर्क करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। खासकर लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद जनप्रतिनिधियों को करना है। जनप्रतिनिधियों से उन्होंने कहा कि आप अपने अपने क्षेत्र के नेता हो, जनता आपको सुनना चाहती है तो उन्हें बताएं कि कौन-कौन सी सरकार की योजना से कितने-कितने लोगों को उनके क्षेत्र में लाभ मिला है। कांग्रेस की सरकारों में हिमाचल की क्या भूमिका रहती थी, यह आम व्यक्ति को बिल्कुल पता नहीं होता था।
भाजपा को 1980 में बूथ पर 400 वोट मिलने पर बंटती थी मिठाई
नड्डा ने कहा कि हिमाचल में 1980 में एक बूथ पर अगर भाजपा को 400 वोट आ जाते थे, तो मिठाइयां बांटी जाती थीं। एक धरना देना होता था तो डीसी ऑफिस कार्यालय, एसडीएम कार्यालय से लेकर जिला परिषद तक वही 50 लोग दिखाई देते थे। आज प्रदेश की 3615 में से 2482 पंचायतों में प्रधान, 2406 पंचायतों में उपप्रधान और 12 में से नौ जिला परिषद के अध्यक्ष भाजपा समर्थित हैं। क्या यहां किसी दूसरे राजनीतिक दल की इतनी ताकत है। यह संख्या भाजपा की पूंजी है। इस पूंजी को संजोकर हम आगे बढ़ेंगे।
कमजोर दिल वालों का नहीं राजनीति में कोई काम
नड्डा ने कहा कि राजनीति में कमजोर दिल वालों का कोई काम नहीं है। राजनीति में साधना से हटाने और भटकाने का भी बहुत काम होता है। इससे आप सभी को बचना है। प्रदेश में एम्स से लेकर आईआईएम जैसे बड़े संस्थान मिले हैं। आप उनसे इस विकास की बात करेंगे, मगर वे आपसे कहेंगे कि आपको क्या मिला। उन लोगों से डटकर बोलना है कि मैं अपने लिए आया ही नहीं था। मैं लोगों और पार्टी के लिए आया हूं।