हिमाचल प्रदेश में सीमावर्ती जिला चंबा के कुछ चुनाव क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में लगाने पर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा ने कश्मीर पुलिस की राज्य में तैनाती पर आपत्ति जताई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत्त को नई दिल्ली भेजी लिखित शिकायत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा है कि कांगड़ा लोकसभा सीट के तहत चंबा के चुराह, डलहौजी और भरमौर विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश निर्वाचन विभाग ने जेएंडके पुलिस की नियुक्ति की है।
इस पर भाजपा को आपत्ति एवं शंका है कि हिमाचल के बार्डर के साथ लगते क्षेत्र में जेएंडके पुलिस की नियुक्ति कांग्रेस सरकार की सोची समझी चाल है। इससे प्रतीत होता है कि ये सब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस को फायदा देने के लिए किया गया है।
भाजपा ने की पुलिस हटाने की मांग
भाजपा ने चुनाव आयोग को दोबारा भेजे पत्र में ऊना के एसपी अनुपम शर्मा को हटाने की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि पार्टी तीन दिन से शिकायत कर रही है और कोई कार्रवाई न होने के कारण उक्त अधिकारी कांग्रेस के एजेंट की तरह कार्य रहे हैं।
भाजपा को सूचना मिली है कि 4 मई, 2014 को एसपी ऊना ने कांग्रेस नेताओं के साथ नंगल में बैठक की और उन्हें पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कैसे होगा?
सतपाल सत्ती ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के चुनाव क्षेत्र हरोली को अतिसंवेदनशील घोषित कर यहां केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती करने की मांग की है।
चुनाव समिति अध्यक्ष ने भेजी दूसरी शिकायत
वहीं, दूसरी ओर भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष गणेश दत्त ने अलग से चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है।
इसमें कहा गया है कि हमीरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी ने कुछ अखबारों में भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर के खिलाफ आपत्तिजनक विज्ञापन छपवाया है। इससे अनुराग की छवि खराब करने की कोशिश की गई है।
उन्होंने बताया कि ज्ञापन जारी करने वाली संस्था जागृति मंच पालमपुर की बताई गई है, जबकि ऐसी कोई संस्था अस्तित्व में नहीं है। इस जाली विज्ञापन और संस्था पर पुलिस कार्रवाई की मांग भाजपा ने की है।