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'कांग्रेस सरकार के कुशासन से बिगड़ी हिमाचल की वित्तीय स्थिति'

Sun, 22 Jan 2017 05:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि चार वर्षों के कांग्रेस सरकार के कुशासन, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के चलते प्रदेश की वित्तीय स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। केंद्र सरकार की अपार आर्थिक सहायता के बावजूद प्रदेश को कर्ज के मकड़जाल में उलझाया जा रहा है। पहले से ही लगभग 36000 करोड़ रुपये के कर्जे के बोझ तले दबे हिमाचल की स्थिति 1000 करोड़ रुपये के नये कर्जे से और भी खराब हो जाएगी।
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वह भी उन परिस्थितियों में जब महीने पूर्व ही प्रदेश सरकार लगभग 700 करोड़ रुपये कर्ज ले चुकी है। चुनावों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने पहले तो बिना बजट का प्रावधान किए झूठी घोषणाओं का अंबार लगा दिया, अब सरकार चलाने के लिए भी कर्ज का सहारा लिया जा रहा है। प्रदेश और जन विकास का बजट केवल ऋण चुकाने में ही खर्च हो रहा है, जिससे जन विकास की योजनाओं के लिए धन ही उपलब्ध नहीं है।

सरकार के इस आर्थिक कुप्रबंधन से प्रदेश का वित्तीय ढांचा अस्त-व्यस्त हो गया है। चार वर्षों के शासनकाल में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के आर्थिक संसाधन बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया, जिसके चलते प्रदेश आत्मनिर्भर बनने के बजाए केंद्र सरकार पर निर्भर होकर रह गया है। कांग्रेस शासनकाल के चार वर्षों की अवधि में प्रदेश के स्वयं के आर्थिक संसाधनों से राजस्व में मात्र 30 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
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जबकि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान यह वृद्धि लगभग 5000 करोड़ रुपये से अधिक की थी। धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार लिए जा रहे इन कर्जों के लिए भले ही लाख बहाने बनाए लेकिन सच्चाई यह है हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा हिमाचल दे रहे हैं जो कर्जों के बोझ से दबा हुआ होगा और विकास के लिए मिल रहे धन को विकास कार्यों पर लगाने के बजाए ऋण चुकाने में ही लगाया जाएगा।
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बैक डोर दी जा रही चहेतों को एंट्री: सत्ती

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि सरकार बैक डोर एंट्री से चहेतों और रिश्तेदारों की भर्तियां कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नियमों और कायदों को ताक पर रखकर चिटों पर भर्तियों का दौर फिर शुरू हो गया है। इसका खामियाजा सरकार आने वाले चुनावों में भुगतेगी। 

अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने 31 दिसंबर, 2015 से देशभर में क्लास थ्री और क्लास फोर में साक्षात्कार प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। केंद्र ने प्रदेश सरकारों से आग्रह किया था कि वे अपने यहां भी इन श्रेणियों के साक्षात्कार को खत्म करें। अधिकांश राज्यों में यह व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी इस व्यवस्था को लागू नहीं किया है। अगर सरकार की नीयत स्पष्ट होती तो वह इस संबंध में निर्णय ले चुकी होती। 

कहा कि रोजगार देने के आंकड़ों में भी सरकार जनता को गुमराह कर रही है। रोजगार कार्यालय में दर्ज आंकड़ों के हिसाब से पिछले दो वर्षों में अभी तक 1150 लोगों को रोजगार दिया है, जबकि सरकार 45000 लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वह पिछले चार वर्षों में प्रदेश के सभी सरकारी और अर्द्ध सरकारी क्षेत्रों में हुईं भर्तियों के सभी आंकड़ों को जिलावार जनता के समक्ष रखने के लिए श्वेतपत्र जारी करे।
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