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भाजपा दफ्तर पर हिंसा मामले में पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट

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भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर हुई खूनी झड़प पर पुलिस ने आंतरिक रिपोर्ट राज्यपाल कल्याण सिंह को भेज दी है। करीब 30 पेज की आंतरिक रिपोर्ट में भी दल या नेता को दोषी नहीं ठहराया गया है। गोलमोल रिपोर्ट भेजकर पुलिस ने इतिश्री कर ली है।
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रिपोर्ट में ही उल्लेख किया गया है कि जांच की फाइनल रिपोर्ट जल्द ही राजभवन को भेज दी जाएगी। पुलिस विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने राज्यपाल को रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि की है। प्रशासन की तर्ज पर पुलिस ने भी अपनी रिपोर्ट में बीच बचाव का रास्ता अख्तियार किया है।

किसी को भी दोषी नहीं ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार युवा कांग्रेस की ओर से 50 लोगों की भीड़ भाजपा मुख्यालय की ओर से बढ़ रही थी।

राज्यपाल ने नहीं लिया फैसला

इसी बीच कुछ लोगों ने उन्हें बीच में आकर रोकने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। इस विवाद के कारण झगड़ा बढ़ गया। इस कारण मौके पर हिंसा हुई है। सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कल्याण सिंह ने पढ़कर रख तो लिया है।

लेकिन किसी प्रकार की प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल की ओर से फाइनल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जाएगा। उसके बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा। यह रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजी गई है।

उधर, इस रिपोर्ट पर भाजपा की ओर प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है।

भाजपा ने खारिज की प्रशासनिक रिपोर्ट

वहीं, प्रदेश भाजपा ने प्रशासन की ओर से खूनी झड़प पर सौंपी गई रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी ने मांग की है कि प्रदेश भाजपा मुख्यालय कार्यालय पर किए गए हमले की हाईकोर्ट के जज या फिर सीबीआई से जांच कराई जाए।

शनिवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बेटे और युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य को सरकार बचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिस घटना को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद क्लीन चिट दे चुके हों। उस मामले में सरकारी मशीनरी कैसे निष्पक्ष जांच कर सकती है।
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सरकार के दबाव में काम कर रही पुलिस

भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की ओर से जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उनके भी नाम को हटाने के लिए सरकारी मशीनरी पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंदाज में भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया।

यह युवा कांग्रेस की ओर से पूर्व प्रायोजित था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना में पूरे प्रशासनिक अधिकारियों को हटाया जाए।
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