यह बात हमने कांग्रेस के हर भाषण में सुनी थी। आज तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया, लेकिन अभी तक सरकारी नौकरियों के नाम पर सरकार ने किसी को भी नौकरी नहीं दी है। इस दौरान अगर किसी को नौकरी मिली भी है तो वह भाजपा कार्यकाल के दौरान जारी हुई भर्तियों में मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य चयन आयोग तीन साल बीतने के बाद भी अभी तक भर्ती नहीं निकल पाया है। वहीं भाजपा कार्यकाल में जिन लोगों के इंटरव्यू हुए थे, उन्हें आज तक नौकरियां नहीं मिल पाई हैं। अब प्रदेश सरकार ने नई सोच के साथ जॉब ट्रेनी पॉलिसी की शुरुआत करने की बात कही है। इसका अभिप्राय क्या है, इसे हर नौजवान जानना चाहता है कि दो साल की नौकरी के बाद दोबारा टेस्ट लिए जाएंगे और अगर उसमें पास होते हैं, तभी नौकरी को आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में नेताओं और उनके बेटों के नाम से आउटसोर्स कंपनियां खोली गई हैं, जहां पर युवाओं को 8 से 10 हजार रुपये की नौकरी देने से पहले उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं।
उन्होंने पुलिस भर्ती पर सवालिया निशान लगाते हुए कह कि जो बच्चे परीक्षा देने के लिए बैठे थे, उन्होंने ही कहा था कि उनके साथ बैठे कई युवाओं को नकल करवाई गई है। परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरा को बंद कर दिया गया था। युवाओं को डरा धमकाकर इस मामले को दबाने का प्रयास प्रदेश सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकाल में शुरू हुई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदेश सरकार ने बंद कर दिया है। इस योजना से कई युवा अपने लिए रोजगार तलाश रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत फंड उपलब्ध न करवाकर इसे बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार सरकारी नौकरियां निकालने की बजाय मित्र, वन मित्र, रोगी मित्र, बिजली मित्र और पशु मित्र आदि के तहत युवाओं को नौकरी दे रही है, लेकिन इसमें भी कोई पॉलिसी नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जोरावर स्टेडियम में रैली निकालने का मुख्य मकसद यहां से जो गूंज उठे, वह मुख्यमंत्री के कानों तक पहुंचे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज मुख्यमंत्री उन भवनों का उद्घाटन कर रहे हैं, जिनका शिलान्यास भाजपा सरकार में हुआ था।