उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री पर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने का दुख दिन-रात सता रहा है और इसी हताशा में वे अनापशनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री को यह समझना होगा कि विधानसभा में उनकी पार्टी के विधायकों की संख्या इतनी नहीं है कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया जाए।
सिर्फ यही वजह है कि वे सरकार पर बिना-वजह निशाना साधने के बहाने दबाव बनाकर अपने दिल की हसरत पूरी करना चाहते हैं और जनता की नजरों में बने रहना चाहते हैं। बिक्रम सिंह ने कहा कि उन्हें मुकेश अग्निहोत्री से सहानुभूति है कि पार्टी ने उन्हें विधायक दल का तो बना दिया, लेकिन विधायक दल में उनकी पार्टी के इतने विधायक नहीं हैं कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया जाए।
उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री को सलाह दी कि अगर वे नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी चाहते हैं तो अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी इस तरह से करें कि कांग्रेस के कम से कम 23 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचें, ताकि जयराम ठाकुर की आगामी सरकार में उनकी यह हसरत भी पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री को बेवजह बयानबाजी करने की बजाय अपनी पार्टी के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री की ओर से मुख्यमंत्री पर की जा रही टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी भी नेता अथवा विधायक का सरकार के मुखिया पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग और बयानबाजी निंदनीय है, जो सीधे प्रदेश के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।
जयराम ठाकुर प्रदेश के हर नागरिक के मुख्यमंत्री हैं। शासन संचालन में सभी निर्णय किसी एक व्यक्ति के नहीं हो सकते और सरकार के सभी मंत्रियों को अधिकार है कि वे अपने-अपने विभागों में बेहतर प्रदर्शन के लिए नए-नए तरीके सुझाएं। विपक्ष को इस पर भी आपत्ति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बागडोर संभालते ही नए जोश और नई सोच के साथ प्रदेश को प्रगति के पथ लेने जाने की कवायद शुरू की है।