मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर हिमाचल भाजपा के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिला। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने वीरभद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार, भाजपा के पांचों सांसद, प्रदेश अध्यक्ष और हिमाचल प्रभारी भी मौजूद रहे। ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार और ईडी मामलों को आधार बना कर प्रदेश कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई।
राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि वीरभद्र सरकार के इस कार्यकाल में हरेक विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। राजनीतिक विरोधियों विशेषकर भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों को अलग-अलग ढंग से प्रताड़ित किया जा रहा है।
जांच प्रभावित करने का आरोप
राष्ट्रपति को बताया गया कि प्रदेश भाजपा ने राज्यपाल के माध्यम से इस संबंध में तथ्यों सहित आरोप पत्र भी भेजा था। कई गंभीर आरोपों के चलते वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने और प्रदेश कांग्रेस सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने वाली सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी की ओर से एफआईआर दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए था। उन्होंने ऐसा नहीं किया कि इससे मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंची है।
भाजपा का आरोप है कि जब तक वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री के पद पर बैठे हैं, इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री पद का प्रभाव और दबाव डाल कर जांच को प्रभावित कर रहे हैं। पूरी सरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाने में लगी है, किसी को प्रदेश के विकास और जन समस्याओं के समाधान की चिंता नहीं है।
ये रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में सांसद शांता कुमार, अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप, रामस्वरूप शर्मा, विमला कश्यप, हिमाचल भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश महामंत्री राजीव बिंदल, प्रदेश महामंत्री रणधीर शर्मा और संगठन महामंत्री पवन राणा भी शामिल रहे।