पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कि हिमाचल के विकास में जहां जरूरत है, वहां धारा-118 में रियायत दी गई है। इस धारा को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है। धारा-118 को खत्म करना हिमाचल के लोगों से खिलवाड़ होगा। यह धारा प्रदेश के लोगों के संरक्षण में लागू की गई थी। प्रदेश सरकार पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है। इसका फायदा भविष्य में हिमाचल को होगा।
हिमाचल को स्विट्जरलैंड बनाने का सपना मुख्यमंत्री रहते उन्होंने देखा था और उस समय चंबा के खजियार का नामकरण स्विट्जरलैंड के नाम पर किया गया था। उस समय वे स्विट्जरलैंड सरकार से भी वार्तालाप कर रहे थे, लेकिन यह बात सिरे नहीं चढ़ पाई थी। अब लगता है यह सपना मौजूदा प्रदेश सरकार पूरा करेगी। विकास की आंधी में प्रदेश के कुछ नगर बिना विशेष तैयारी के बस गए थे।
जिनमें अब मूलभूत सुविधाओं की कमी पेश आ रही है। पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग जैसे अहम मसले इन नगरों में जंजाल बन गए हैं। जिस समय यह नगर बसे थे, उस समय नियमों का सख्ती से पालन किया जाता तो अब ऐसे हालात देखने को नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि उस दौरान जो अधिकारी थे, उन पर ऐसे मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए।
विपक्ष की नकारात्मक प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए घातक
शांता कुमार ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सशक्त विपक्ष की जरूरत रहती है। विपक्ष की भूमिका सकारात्मक होनी चाहिए। विपक्ष की नकारात्मक प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए घातक है। विपक्ष अपनी सही भूमिका अदा करे तो देश के विकास में योगदान निभा सकता है। मौजूदा समय की राजनीति में ऐसा नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि विपक्ष अब न के बराबर रह गया है।