विधायक राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत कुछ लोगों के रिश्तेदारों को अनैतिक रूप से फायदा पहुंचाया गया है।
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भाजपा के महामंत्री और विधायक राजीव बिंदल ने स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक में हुई भर्ती में भारी धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक ने सारे नियमों और कायदों को ताक में रख कर एक क्षेत्र विशेष और व्यक्ति विशेष के लोगों को भर्ती किया है।
इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत कुछ लोगों के रिश्तेदारों को अनैतिक रूप से फायदा पहुंचाया गया है और इस तरह की भर्ती कर प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया गया है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक साजिश के तहत बैंक की भर्ती प्रक्रिया को बदला।
पूर्व में प्रदेश के बैंकों में भर्ती आईबीपीसी के तहत होती थी, जो पूरे देश में बैंक भर्ती के मामले में एक मान्य विधि है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न केवल आईबीपीएस को दरकिनार किया, बल्कि हिमाचल प्रदेश सर्विस सिलेक्शन बोर्ड और हमीरपुर अधीनस्थ चयन बोर्ड को भी जानबूझ कर दरकिनार कर इस प्रक्रिया को स्कूल एजूकेशन बोर्ड की ओर से प्रारंभ किया, जो भर्ती करने के लिए अधिकृत नहीं है।
यहीं से धांधली शुरू हुई। डा. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2006 में भी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से भर्ती की गई थी और जिसका रिकॉर्ड मात्र दो महीने में जला दिया था और इस बार भी कांग्रेस सरकार यही करने की कोशिश कर रही है। परंतु इस मामले में भाजपा किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं करेगी।