सस्ते राशन के डिपुओं से सरसों का तेल, रिफाइंड और चीनी गायब हो गई है। इस कारण उपभोक्ताओं को जून में आधा-अधूरा राशन मिल रहा है। बिलासपुर में करीब 1.77 लाख राशन कार्ड धारकों को जून में महंगे दामों पर बाजार से चीनी और तेल खरीदना पड़ सकता है। इसका कारण खाद्य तेल का टेंडर नहीं होना और चीनी के रेट को सरकार से स्वीकृति नहीं मिलना है। गोदामों में अभी तक सरसों तेल, रिफाइंड तेल और चीनी की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है।
बिलासपुर में 245 डिपुओं के माध्यम से सस्ती दरों पर चीनी, खाद्य तेल, चावल, आटा और दालें उपलब्ध करवाई जाती हैं। अधिकतर डिपुओं में जून में दालें, चावल और आटा ही पहुंच पाया है। सरकार हर तीन माह में चीनी, दालों और तेल के टेंडर करवाती है, जिसके बाद डिपुओं में सामान पहुंचता है। बताया जा रहा है कि चुनावी आचार संहिता होने के कारण पिछले माह खाद्य तेल के टेंडर नहीं हो पाए हैं, जबकि चीनी के रेट को अभी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस कारण जून का चीनी और खाद्य तेल का कोटा गोदामों में नहीं पहुंच पाया है। तेल के टेंडर जून के अंत में होने की संभावना है। इससे साफ है कि राशन डिपुओं में इस माह उपभोक्ताओं को सस्ता तेल नहीं मिल पाएगा, जबकि चीनी के भी पहुंचने की संभावना कम हैं, क्योंकि जून की 12 तारीख बीत चुकी है।
तेल के टेंडर इस माह के अंत में होंगे
खाद्य आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश पाठक ने बताया कि चीनी के मूल्य को स्वीकृति नहीं मिली है और खाद्य तेल का टेंडर नहीं हुआ है। रेट को स्वीकृति मिलते ही चीनी गोदामों में भेज दी जाएगी, जबकि खाद्य तेल के टेंडर इस माह के अंत में कर दिए जाएंगे।