मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सुख आश्रय योजना में 1061 अनाथ बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के रूप में 1.99 करोड़ रुपये, 3,121 लाभार्थियों को 4,000 रुपये प्रति माह पॉकेट मनी के रूप में 16.89 करोड़ रुपये और त्योहार भत्ते के रूप में 1,025 अनाथ बच्चों को 65.76 लाख रुपये की राशि शीघ्र ही वितरित की जाएगी। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस योजना के अन्तर्गत 48 लाभार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 15.52 लाख रुपये की वित्तीय सहायता, 17 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 7.02 लाख रुपये, एक बच्चे को कुशल विकास के लिए 17,500 रुपये, तीन बच्चों को स्टार्ट-अप परियोजनाओं के लिए 6 लाख और दो अनाथ बच्चों को वर्ष 2023-24 के लिए भूमि आवंटित की गई है।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की विश्व स्तरीय शिक्षा ग्रहण करने की अभिलाषा पूरी हो रही हैं। सुक्खू ने कहा कि शिशु सुधार गृह की तीन अनाथ लड़कियों को कॉन्वेंट तारा हॉल स्कूल शिमला में दाखिला मिल गया है। उनके लिए परिवहन सुविधा शीघ्र उपलब्ध करवा दी जाएगी। शिशु सुधार गृह के पांच बच्चों को दयानंद पब्लिक स्कूल शिमला जबकि चार अनाथ बच्चों को पाइनग्रोव स्कूल सोलन और दो बच्चों को डीएवी स्कूल सुंदरनगर में दाखिला दिलाया गया है। सरकार इनकी पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगी। संबंधित विभाग को राज्य के अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में और अधिक अनाथ बच्चों को दाखिला दिलाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रहने वाले 1,084 बच्चों को 1.02 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से लाभान्वित किया गया है और 2,719 लाभार्थियों को 4,000 रुपये की प्रतिमाह पॉकेट मनी के रूप में 4.34 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। बच्चे हर्षाेल्लास के साथ त्योहार मनाएं, इसके लिए 1084 बच्चों को त्योहार भत्ते के रूप में 59.81 लाख रुपये, वस्त्र भत्ते के रूप में 54.20 लाख रुपये और पोषण आहार राशि के रूप में 32.52 लाख रुपये वितरित किए गए हैं।