हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में एक बूथ पर लगाई गई ईवीएम में मॉक पोल के वोट को डिलीट नहीं किए जाने के कारण मशीन के वोटों की गिनती को मतगणना में शामिल नहीं किया गया। हटवाड़ के बूथ नंबर सात में लगाई गई ईवीएम से अधिकारी मॉक पोल के दौरान की गई वोटिंग को डिलीट करना ही भूल गए थे। जिस वजह से ईवीएम और वीवीपैट मशीन से वोटों का मिलान ही नहीं हो पाया। इस वजह से इस ईवीएम के वोटों की गिनती को मतगणना में शामिल नहीं किया गया।
इसके अलावा बूथ नंबर 19 की ईवीएम में भी कुछ तकनीकी खराबी आ जाने के कारण यहां पर भी वीवीपैट मशीन के जरिये निकाली गई पर्चियों से ही गिनती करने के बाद उन्हें मतगणना में शामिल किया गया। किसी भी बूथ पर असल वोटिंग होने से पहले एक मॉक पोल किया जाता है। पीठासीन अधिकारी की देखरेख में इस मॉक पोल को कराया जाता है। वोटिंग शुरू होने से पहले ईवीएम में मॉक पोल में सभी पार्टियों के पोलिंग एजेंट अपने प्रत्याशी के निशान वाला बटन दबाते हैं।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी क्लोज बटन दबा देता है। जिसके बाद ही कोई और वोट नहीं डाला जा सकता। इसके बाद इन वोट को डिलीट कर दिया जाता है। लेकिन भूल से बूथ नंबर सात पर लगाई गई ईवीएम में मॉक पोल के दौरान डाले गए वोटों को डिलीट करना भूल गए थे। सहायक रिटर्निंग अधिकारी के अनुसार निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार यदि जीतने वाले उम्मीदवार की जीत का अंतर एक लाख वोट से ज्यादा हो तो फिर उस स्थिति में ऐसी मशीनों के वोटों को मतगणना में शामिल नहीं किया जाता है।