डॉ. रणदीप गुलेरिया (फाइल)
- फोटो : संवाद
पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसऑर्डर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. प्रो. रणदीप गुलेरिया को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह एम्स की व्यवस्था की निगरानी करेंगे और प्रबंधन को आवश्यक सुझाव देंगे। डॉ. गुलेरिया को अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद एम्स अपने लक्ष्य की ओर तेज गति से बढ़ेगा।
एम्स बिलासपुर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए उनका तीन दशक से ज्यादा का अनुभव काम आएगा। वह दिल्ली एम्स के निदेशक रह चुके हैं और कोविड-19 महामारी के दौरान काफी चर्चा में रहे। उन्होंने कोविड संक्रमण से बचने के कई सुझाव दिए। साथ ही बताया कि घर में कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।
डॉ. गुलेरिया को साल 2015 में पद्म श्री पुरस्कार और साल 2014 में एमिनेंट मेडिकल पर्सन की श्रेणी में रॉय अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा भी उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने साल 1992 में दिल्ली एम्स में सेवाएं देना शुरू किया था। साल 2011 में एम्स दिल्ली में पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसऑर्डर विभाग की स्थापना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कांगड़ा के रहने वाले डॉ. गुलेरिया ने आईजीएमसी में की थी एमबीबीएस
कांगड़ा जिला के रहने वाले डॉ. गुलेरिया ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से जनरल मेडिसिन में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन और पल्मोनरी मेडिसिन में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की पढ़ाई की। डॉ. गुलेरिया सितंबर 2022 में एम्स दिल्ली में निदेशक पद से सेवानिवृत हुए।
फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा जैसे कई क्षेत्र में अपने अग्रणी काम के लिए है पहचान
डॉ. गुलेरिया फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, रेस्पिरेटरी मसल फंक्शन और स्लीप डिसऑर्डर के क्षेत्र में अपने अग्रणी काम के लिए जाने जाते हैं। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय और भारतीय पत्रिकाओं में उनके 400 से अधिक चिकित्सीय लेख प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रमुख पुस्तकों में 49 अध्याय हैं।