शिमला। केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त किसान मंच के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को बंद का शिमला जिले में व्यापक असर रहा। शिमला सहित ठियोग, रामपुर, रोहड़ूू, कोटखाई, जुब्बल में दो घंटे चक्का जाम किया गया। ठियोग में विधायक राकेश सिंघा ने जनसभा को संबोधित किया। कई स्थानों पर सांकेतिक रूप से बाजारों में दुकानें भी बंद रहीं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। चक्का जाम के दौरान इमरजेंसी वाहनों को नहीं रोका गया। पोस्ट गार्ड का पेपर देने वाले छात्रों के वाहन को भी जाने दिया गया। रिकांगपिओ में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। सोमवार को शिमला से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली रूट पर बस सेवा बंद रखी गई।
विक्ट्री टनल पर दोपहर बारह बजे किसान सभा की अगुवाई में किसानों, बागवानों, छात्रों, महिला और मजदूर संगठनों ने संयुक्त रूप से चक्का जाम किया। सैकड़ों की संख्या में विक्ट्री टनल के बाहर सड़क पर लोग बैठ गए। डीएसपी हेड क्वार्टर कमल वर्मा की अगुवाई में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। हिमाचल किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने 27 सितंबर को ही तीन काले कानून लागू किए थे। दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को भी 10 महीने पूरे हो गए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों से हिमाचल के अनाज, फल और सब्जी उत्पादकों परेशान हैं। किसान अपने उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और विपणन की सही सुविधा मांग रहा है लेकिन सरकारें सोई हैं। आंदोलन के अगले चरण में 10 नवंबर से पहले किसान अधिवेशन होगा, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा हिमाचल प्रदेश का गठन होगा। सरकार कॉरपोरेट कंपनियों से मिल कर बागवानों का शोषण कर रही है। एपीएमसी चैक पोस्ट पर बागवानों से अवैध वसूली कर रहा है। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, किसान सभा के सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, छात्र नेता रॉकी ने भी लोगों को संबोधित किया।
आरोप, किसानों से डरी सरकार, लाइव टेलीकास्ट रोका
संयुक्त किसान मोर्चा कोर ग्रुप सदस्य सत्यवान ने प्रदेश सरकार पर प्रदर्शन का लाइव टेलीकॉस्ट रोकने का आरोप लगाया। कहा कि कुछ न्यूज पोर्टल, समाचार पत्रों के वेब टीवी किसानों के प्रदर्शन को लाइव चला रहे हैं लेकिन जैमर या मोबाइल टावर बंद कर प्रसारण रोकने की कोशिश हो रही है। साफ है कि सरकार किसानों से डर गई है।
हरियाणा के टूरिस्टों ने लगाए नारे, छात्र हुए परेशान
विक्ट्री टनल पर चक्का जाम के दौरान हरियाणा के कुछ टूरिस्टों के साथ किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे, हालांकि परिवारों के साथ जाम में फंसे सैलानियों को घंटों गाड़ियों में कैद रहना पड़ा। लॉ कालेज के छात्रों को विक्ट्री टनल के पास बसों से उतर पर पैदल चौड़ा मैदान जाना पड़ा। अन्नाडेल में पोस्ट गार्ड की परीक्षा देने बाहरी क्षेत्रों से आए युवा भी परेशान हुए।
चक्का जाम के बाद ट्रैफिक डायवर्ट
विक्ट्री टनल पर चक्का जाम के बाद पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। आईएसबीटी से लक्कड़ बाजार की बसों को बाईपास होते हुए छोटा शिमला से भेजा गया। मैहली पंथाघाटी की बसें आईएसबीटी से खलीनी होते भेजी गईं। ओल्ड बस स्टैंड से एचआरटीसी ने आईएसबीटी के लिए बसें वाया टॉलैंड खलीनी चलाईं।