हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की सब तहसील मकरीड़ी की कुठेहड़ा पंचायत के पंजलातर गांव में रंगड़ों के हमले से 10 मनरेगा कामगार घायल हुए हैं। एक कामगार लक्की (25) निवासी कुठेहड़ा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पांच घायलों को मकरीड़ी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिलाया गया है, जबकि अन्य गंभीर घायलों को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए भर्ती किया है। वीरवार दोपहर बाद मनरेगा कार्य में व्यस्त कामगारों पर अचानक रंगड़ों ने हमला बोल दिया। कुछ मनरेगा कामगारों ने भागकर जान बचाई, जबकि 12 मनरेगा कामगार रंगड़ों के काटने से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार दिलाया गया।
तहसीलदार डॉ. मुकुल शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन को जैसे ही घायलों की जानकारी मिली तुरंत राहत व बचाव कार्य करते हुए प्राथमिक उपचार दिलाया गया। अस्पताल की आपात सेवाओं में मौजूद डॉ. तेंजिन ने बताया कि रंगड़ों के हमले से घायल एक व्यक्ति की गंभीर हालत को देखते हुए टांडा रेफर करना पड़ा, जबकि अन्य घायलों को स्थानीय अस्पताल में ही उपचार दिलाया गया। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में रंगड़ों के हमले से घायलों को उपचार के लिए प्रशासन ने अपने स्तर पर दवा व इंजेक्शन उपलब्ध करवाए। एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि रंगड़ों के हमले में घायलों को प्रशासन के माध्यम से कौन सी आर्थिक सहायता मिल पाएगी, इस संदर्भ में जिला प्रशासन से पत्राचार कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
घायलों की सूची
घायलों में लक्की पुत्र गोविंद राम निवासी महाल पंजलातर, खिम्मी देवी पत्नी श्याम सिंह निवासी महाल सुंआ, सोमलता पत्नी होशियार सिंह निवासी महाल सुंआ, रीता देवी पत्नी ओम प्रकाश निवासी महाल पंजालतर, कमला देवी पत्नी हेम सिंह निवासी महाल पंजालतर, विमला देवी पत्नी विनोद कुमार निवासी महाल पंजालतर, बबली देवी पत्नी अच्छर सिंह निवासी महाल पंजालतर, सपना देवी पत्नी बलदेव निवासी महाल पंजालतर शामिल हैं।