हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अवैध डंपिंग पर लगाम कसने के लिए जागरुकता अभियान चला रहा है। इसके तहत वन विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल शक्ति विभाग, पुलिस विभाग, प्रशासन, पंचायतीराज संस्थानों और स्थानीय निकायों के सहयोग से जागरुकता एवं संवेदनशीलता अभियान चलाया जा रहा है।
सड़कों और राजमार्गों के निर्माण के दौरान अवैध डंपिंग को रोकना अभियान का मुख्य लक्ष्य है। इस अभियान के दौरान कंपनियों, श्रमिकों, नियामक अधिकारियों और स्थानीय समुदायों को अवैध डंपिंग के प्रतिकूल प्रभावों और अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों और नियमों के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों की योजना बनाने और इसके कार्यान्वयन के लिए विभागों की टीमों का गठन किया गया है।
अवैध डंपिंग के पर्यावरणीय प्रभाव और निर्माण परियोजनाओं के दौरान अपशिष्ट प्रबंधन के लाभों को बताने वाले ब्रोशर, पोस्टर और वीडियो आदि प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से विकसित और वितरित किए जाएंगे। निर्माण कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अपशिष्ट पृथक्करण, पुनर्चक्रण प्रणालियों पर जोर दिया जाएगा।