ब्यास नदी के तेज बहाव में लापता छात्रों के मां-बाप, भाई व अन्य रिश्तेदारों की नम आंखें मंगलवार को ब्यास की लहरों में अपनों को ढूंढती रहीं। मां-बाप ने जिन लाडलों को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था, ब्यास उन्हें हमेशा के लिए छीन कर ले गई।
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जानिए वे पांच वजह, जिससे ब्यास में बह गए छात्र?
मंगलवार दोपहर को मंडी पहुंचे ये 55 अभिभावक सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। यहां रोते-रोते दिनभर अपने लाडलों को तलाशते रहे। वे अपनी सुध-बुध खो चुके हैं।
ब्यास में समाए लाडलों के मिलने की आस में परिजन भूखे-प्यासे पूरा दिन पंडोह डैम के पास टकटकी लगाए बैठे रहे।
अपनों का सामान देख बिलख पड़े परिजन
सारानाल के पास जूते, चप्पलें देख कर परिजन बिलख पड़े। इसके बाद 12 बजे सभी परिजनों को पंडोह डैम लाया गया। वहां मौजूद अपने नेता तेलंगाना के गृह मंत्री एन नरसिम्हा रेड्डी को देख कर लापता अखिल की मां सविता का रोना छूट गया।
अन्य परिजन भी गमगीन मुद्रा में अपनों को मिलने की आस लगाए बैठे रहे। ब्यास नदी के पानी ने किसी की बेटी छीन ली तो किसी बेटा व भाई।
तेलंगाना के कमम गांव के श्रीनिवास भी अपने बेटे टी. उपेंद्र की तलाश में यहां पहुंचे हैं। उनकी भी शनिवार को आखिरी बार बेटे से बात हुई। उस समय बेटा उपेंद्र शिमला में था।
रेड्डी ने बंधाया अभिभावकों को ढांढस
तेलंगाना के गृह मंत्री एन नरसिम्हा रेड्डी दूसरे दिन भी मंडी में दुर्घटनास्थल पर ही डटे रहे। लापता अखिल की मां सविता को रोते देख रेड्डी का दिल भी पसीज गया।
उन्होंने उसे ढांढस बंधाया। उनके साथ मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा भी थे, जो परिजनों को ढाढ़स बंधाते रहे।
वहीं, राज्य विद्युत बोर्ड के अधीन चल रहे 126 मेगावाट के लारजी प्रोजेक्ट डैम से रविवार शाम को अचानक पानी छोड़ने के कारण हैदराबाद से आए छात्रों के साथ दर्दनाक हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
कॉलेज प्रबंधन पर होगी कार्रवाई : रेड्डी
ब्यास हादसे को लेकर अब तेलंगाना सरकार अपने स्तर पर भी जांच बैठाने जा रही है। वीएनआर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग हैदराबाद प्रबंधन छात्रों को इंडस्ट्रियल टूर के नाम पर लाए थे, लेकिन इसे पिकनिक टूर बना दिया।
नवगठित तेलंगाना के गृह मंत्री एन रेड्डी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले निष्पक्ष जांच करवा कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। एन रेड्डी ने कहा कि इस दुखद हादसे के लिए जितना जिम्मेदार हिमाचल प्रदेश का लारजी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रबंधन है, उतना ही दोषी हैदराबाद का वीएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन भी है।
कॉलेज प्रबंधन को सरकार व तकनीकी शिक्षा विभाग की तरफ से इंडस्ट्रियल टूर की अनुमति मिली थी। इंडस्ट्रियल टूर के नाम पर भारत भ्रमण कैसे हो रहा था और मनाली में कौन सी इंडस्ट्री है। इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करवाई जाएगी।
फेंसिंग पर कोर्ट में जनहित याचिका दायर
वहीं, मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा ने परियोजना बांधों की फेंसिंग को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। मोर्चा ने प्रदेश की सभी डैम साइटों को असुरक्षित बताया है। उच्च न्यायालय से जनहित में बांधों के किनारे निश्चित दूरी तक पक्की फेंसिंग की व्यवस्था करवाने की मांग की है।
मोर्चा ने लारजी डैम के चारों गेटों को एकदम खोलने को विभागीय लापरवाही करार देते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है।
मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मेंद्र गुलेरिया ने कहा कि एमओयू में तो सुरक्षा को लेकर कई बड़े-बड़े करार होते हैं, लेकिन असल में डैम साइटों और नदियों के किनारे सुरक्षा दीवार या फेंसिंग का प्रबंध नहीं होता।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अनिल शर्मा ने कहा कि थलौट हादसे में मारे गए आंध्र और तेलंगाना के छात्रों के अभिभावकों को हिमाचल प्रदेश सरकार डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मुआवजा देगी। अनिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से वे छात्रों को ढूंढने के लिए किए जा रहे रैस्क्यू आपरेशन की देखरेख कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक दर्दनाक हादसा है। प्रदेश सरकार की ओर से इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्च आप्रेशन में हर प्रकार की सहायत की जा रही है। हर हाल में सभी शवों को तलाश उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लापता छात्रों की तलाश में आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसएसबी और हिमाचल पुलिस के जवान थलौट से पंडोह डैम तक की जा रही है। यह अभियान अंतिम शव मिलने तक जारी रहेगा।