हिमाचल में भालू आदमखोर हो गए हैं। दो दिन में दो लोगों को भालुओं ने मौत के घाट उतार दिया है। पहला शिकार बीते मंगलवार को किन्नौर के सापनी में स्कूल जा रहे हेड टीचर बने तो बुधवार को झाकड़ी के नंती गांव में ड्यूटी से लौट रहे चौकीदार को भी भालू ने मार डाला। बीते रविवार को डलहौजी आर्मी कैंट एरिया के रिहायशी परिसर में भी भालू ने एक जवान को बुरी तरह घायल कर दिया था।
वन विभाग के अधिकारी अभी रिपोर्ट बना रहे हैं। रिपोर्ट के बाद ही आदमखोर भालुओं को पकड़ने पर कोई फैसला लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार शिमला जिला के 15/20 क्षेत्र में आस्था कंपनी के अपर नंती परियोजना टनल का चौकीदार कर्म सिंह (48) नाइट ड्यूटी कर बुधवार सुबह अपने घर नंती लौट रहा था।
टनल से करीब 200 मीटर आगे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कर्म सिंह की चीख-पुकार सुनकर घास काट रहे लोग मौके पर पहुंचे। टेलीफोन और सड़क सुविधा न होने के कारण 108 एंबुलेंस को नहीं बुलाया जा सका। लिहाजा, लोगों ने कर्म सिंह को पीठ पर उठाकर फांचा के साथ बनी सड़क तक पहुंचाया लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद गानवी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। ज्यूरी चौकी के आईओ गोपाल सिंह ने बताया कि भालू ने कर्म सिंह की एक टांग और गुप्तांग में काफी गहरी चोटें पहुंचाईं थीं। झाकड़ी थाना के एसएचओ कुलवंत ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।