बरोट स्थित शानन पावर हाउस की रेजर वायर।
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पंजाब राज्य की पन विद्युत शानन परियोजना की बरोट स्थित टनल ब्लॉक हो गई है। रेजर वायर की पाइपलाइन में कचरा फंसने से 110 मेगावाट के शानन और 66 मेगावाट के बस्सी पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। बरोट स्थित रेजर वायर से पानी की आपूर्ति बंद होने से जोगिंद्रनगर उपमंडल की मसौली, जलपेहड़ पंचायत के करीब 5,000 उपभोक्ताओं के लिए पेयजल किल्लत पैदा हो गई है। जलशक्ति विभाग के वैकल्पिक स्रोत के न होने से अपर गरोडू, बालकरूपी और मझारनू के अलावा आरठी गांव में भी दो दिन तक पानी का संकट रहेगा।
शानन परियोजना की रेजर वायर की पाइपलाइन में कचरा और गंदगी फंसने से शानन पावर हाउस में विद्युत उत्पादन रोकना पड़ा है। परियोजना के डिप्टी चीफ इंजीनियर हरीश शर्मा की अगुवाई में रेजर वायर की फ्लशिंग का कार्य शुरू हुआ है। यह कार्य रविवार देर रात तक जारी रहेगा। इस दौरान दोनों पावर हाउस में विद्युत उत्पादन नहीं होगा। जलशक्ति विभाग के शानन स्थित जल भंडारण टैंकों में पानी की आपूर्ति न होने से 5,000 से अधिक उपभोक्ताओं को पानी की किल्लत बनी रहेगी।
शनिवार को जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता सूक्ष्म नाग ने मसौली, जलपेहड़ पंचायत के अलावा साथ लगते बालकरूपी, अपर गरोडू, आरठी गांव के उपभोक्ताओं को पेयजल की आपूर्ति बाधित होने की जानकारी दी। दो दिन तक सहयोग की अपील भी की है। मसौली पंचायत की प्रधान अंजना शर्मा ने जलशक्ति विभाग से वैकल्पिक स्रोत से पानी की आपूर्ति की मांग की है।
बस्सी परियोजना के रेजिडेंट इंजीनियर अरुण धीमान ने बताया कि बरोट से ही पानी की आपूर्ति बंद होने से शानन और बस्सी पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। रविवार देर रात मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद विद्युत उत्पादन शुरू होगा। शानन परियोजना के डिप्टी चीफ इंजीनियर हरीश शर्मा ने बताया कि बरोट स्थित शानन पावर हाउस की रेजर वायर की टेस्स लाइन में गंदगी फंसने से पावर हाउस में पानी की आपूर्ति रोकनी पड़ी है।