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बर्फ में फंसी बारात, 50 किमी पैदल घर पहुंचे दूल्हा-दूल्हन

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डोडरा क्वार में बर्फ में फंसी बारात से दूल्हा-दुल्हन, कई बाराती और वधु पक्ष के लोग करीब 50 किलोमीटर बर्फ में पैदल सफर तय कर कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार घर पहुंच गए हैं। ये लोग दूल्हन लेकर लौट रहे थे कि अचानक बर्फबारी के चलते रास्ते बंद हो गए। बीच रास्ते में फंसी बारात को निकालने के भी कोई प्रबंध नहीं थे।
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ऐसे में दूल्हा दूल्हन और कुछ रिश्तेदार करीब 50 किलोमीटर पैदल चलकर शनिवार देर रात्रि चौंतड़ा पहुंचे। दूल्हन तब घर पहुंच जब धाम भी खत्म हो चुकी थी। वहीं, अभी भी डेढ़ दर्जन बाराती डोडराक्वार में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए लोनिवि ने बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है बर्फ में फंसे बाराती मनोज कुमार की तबीयत खराब हो गई है। घर पहुंचने पर परिजनों ने आरती उतारकर दुल्हन का गृह प्रवेश करवाया।

साढ़े 4 फुट बर्फबारी में फंसी है बारात

दूल्हे गोपाल बिष्ट ने बताया कि वह 50 किलोमीटर मुसई, बनवार, मोरी का सफर तय कर उत्तराखंड के धौला में पहुंचे। गाड़ी का प्रबंध होने पर 250 किलोमीटर सफर बाद चौंतड़ा पहुंचे। उन्होंने बताया कि वधु पक्ष के छह महिलाएं, सात पुरुष व दूल्हा-दल्हन सहित 10 बाराती भी उनके साथ चौंतड़ा पहुंचे।

जबकि मनोज कुमार, लाजपत, पंकज बिष्ट, निशु सूद, पिता काली दास व हरबंस लाल समेत दस लोग अभी भी डोडरा में बर्फ में फंसे हुए हैं। इन लोगों के वधु पक्ष के लोगों की ओर से सामान पहुंचाया जा रहा है।

डोडरा क्वार में लगभग चार से साढ़े चार फुट तक बर्फ पड़ी है। मौके पर बोलेरो कैंपर, आल्टो कारें और सफारी गाड़ियां फंसी हुई हैं। रविवार को गोपाल बिष्ट के घर में धाम का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व मंत्री व विधायक गुलाब सिंह भी शामिल हुए और दूल्हे व बारातियों से पूरे जानकारी ली।
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दो दिन बाद निकल सकेंगे बाराती

इधर, गुलाब सिंह ने बताया कि डोडरा में फंसे लोगों व गाड़ियों को निकालने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। जेसीबी, स्नो कटर मशीनों को भेजा जा चुका है और बर्फ हटाने का कार्य भी शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि यदि मौसम पूरी तरह से साथ देता है तो दो दिनों में लोगों व गाड़ियों को निकाला जा सकेगा। यदि मौसम खराब होता है तो फंसे लोगों को निकालने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। वहीं बारात में शामिल कुछ लोगों ने बताया कि बर्फबारी के चलते यह शादी यादगार बन गई है।
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