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नोटबंदी: कैश देने से सरकार का इनकार, कर्मियों को ऐसे मिलेगा वेतन

Thu, 01 Dec 2016 10:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के लाखों कर्मचारियों और अफसरों को कैश में सैलरी देने से प्रदेश सरकार ने इनकार कर दिया है। एक दिसंबर को वेतन इस बार भी उनके खातों में ही आएगा। नोटबंदी के चलते कर्मचारी चेक से एक सप्ताह में 24,000 और एटीएम से हर दिन 2,000 रुपये कैश ही निकाल सकेंगे। सैलरी विद्ड्रा के मद्देनजर बैंक भी चिंतित हैं।
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ऐसे में प्रदेश के बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से 600 करोड़ रुपये मांगे हैं। दो दिन में इस राशि के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि लंबे समय से हिमाचल सरकार आरटीजीएस के माध्यम से कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन डाल रही है।

अब लाखों कर्मचारियों को कैश में वेतन दे पाना संभव नहीं है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ऐसा कर पाना अब नामुमकिन है। सॉफ्टवेयर भी बदलना होगा। बैंकों को लिखा जा चुका है कि वे कर्मचारियों को किसी तरह की समस्या न आने दें।
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कुछ बैंकों ने की सिर्फ दस हजार तक देने की तैयारी

नोटबंदी के बीच वीरवार को सरकारी कर्मचारियों की भीड़ अपना वेतन लेने के लिए उमड़ सकती है। चूंकि, आरबीआई ने प्रति सप्ताह 24 हजार तक निकालने का नियम रखा है, ऐसे में बैंकों पर खासा दबाव रहने की आशंका है। संभावित भीड़ और नकदी की कमी की आशंका को देखते हुए कुछ बैंकों के प्रबंधकों ने अपने स्तर पर खाते से रकम निकालने की लिमिट को दस हजार रुपये कर दिया है।

प्रबंधकों का कहना है कि अगर वह आरबीआई की तय की गई लिमिट के बराबर खातों से पैसा जारी करेंगे तो काफी लोगों को रुपये मिलने से महरूम रहना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों की सुविधा को देखते हुए खाते से दस हजार रुपये तक ही निकालने दिए जाएंगे। प्रदेश के चंबा, रामपुर, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना और कुल्लू में बैंकों ने भीड़ की डिमांड को देखते हुए यह व्यवस्था पहले से ही बना ली है।
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एटीएम में भरे जाएंगे बड़े नोट

चंबा की लीड बैंक के एजीएम एसके गौड़ ने बताया कि करेंसी उपलब्धता के हिसाब से ही निकासी लिमिट तय की जाएगी। वहीं, एसबीआई के चीफ मैनेजर रविकांत शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों का दस-दस हजार रुपये दिए जाएंगे। 

एक बैंक अधिकारी ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि नए 500-2000 के नोट एटीएम में डाले जाएं। इससे ज्यादा लोगों को एटीएम से रुपये मिल सकेंगे। अधिकारी ने कहा कि महीने के पहले हफ्ते में नोटबंदी से पहले भी बैंकों पर प्रेशर रहता था, लेकिन इस बार

सैलरी एकाउंट वाले ग्राहकों के अलावा बाकी ग्राहक भी लगातार पैसा निकालने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में आरबीआई की गाइडलाइंस से इतर भी बैंक अधिकारी अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रहे हैं।
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