केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को हल्ला बोला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर प्रदेश भर में बैंक बंद रखकर प्रदर्शन किए गए। शनिवार को भी बैंक हड़ताल के चलते बंद रहेंगे। रविवार को सरकारी छुट्टी रहेगी। ऐसे में आगामी दो दिन तक और लोगों के बैंकों से संबंधित काम नहीं होंगे। शनिवार और रविवार को एटीएम खाली होने की नौबत आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शिमला में प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। बीते तीस महीनों से यूनियनें वार्ता के जरिये मांगों को हल करने के पक्ष में थी लेकिन आईबीए की ओर से कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि देश की नौ अधिकारी और कर्मचारी यूनियनें मिलकर दो दिन की हड़ताल पर हैं।
अगर अभी मांगों को नहीं माना गया तो 11, 12 और 13 मार्च को दोबारा तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। मांगे फिर भी पूरी नहीं हुईं तो पहली अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि बीस फीसदी बढ़ोतरी के साथ वेतन को रिवाइज किया जाए। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग होनी चाहिए। स्पेशल अलाउंस को बेसिक पे में शामिल करना चाहिए। नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी योजना लागू होनी चाहिए।
पेंशन का दोबारा निर्धारण होना चाहिए। अधिकारियों के लिए काम करने के घंटे तय होने चाहिए। अनुबंध कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देना चाहिए। इस अवसर पर एआईबीओसी के राज्य अध्यक्ष नरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, एसपी भलैक, एआईबीईए के महासचिव नरेंद्र वर्मा, अमर चंद और आईएस नेगी मौजूद रहे।