हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के छह ट्रैकिंग रूटों पर ट्रैकर 15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बिना अनुमति ट्रैकिंग नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग के अनुसार तेंतू पास, मनाली पास, साराउगमा पास, एनिमल पास, डेबसा पास और गुंथर पास के रूट पर उपरोक्त ऊंचाई से ज्यादा ट्रैकिंग पर मनाही है। छह रूटों पर पर्वतारोहण की अनुमति अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक को सूचित करने के बाद ही मिलेगी। इसके लिए टूर ऑपरेटर और टीम लीडर जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा जिले के 15,000 फीट से ऊंचाई वाले सभी रूटों पर ऑपरेटर और टीम लीडर पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक को सूचित करेंगे।
संबंधित सभी अनुमतियां प्रशासन से लेनी होंगी। 9,000 से 15,000 फीट तक ऊंचाई के बीच ट्रैकिंग गतिविधियां संबंधित वन मंडल अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं हो सकती हैं। ट्रैकिंग पर जाने वाले सभी ट्रैकर की सूचना वनमंडल अधिकारी को पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक को रोजाना आधार पर देनी होगी। जिला कुल्लू आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी सूचित करना अनिवार्य होगा। कोई भी व्यक्ति बिना सुरक्षा उपकरणों, आवश्यक दवा और प्राथमिक उपचार किट के ट्रैकिंग पर नहीं जा सकेगा। यह आदेश पूरे जिले में लागू रहेंगे। आदेशों की अवहेलना पर नियमानुसार उसे दो साल तक कारावास हो सकता है।