प्रदेश सरकार ने जलाशयों में मछलियां पकड़ने पर रोक लगा दी है। यह रोक 31 जुलाई तक रहेगी। मछलियों के प्रजनन के चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है। बाजारों में भी सरकार ने मछली बिक्री पर भी रोक लगा दी है।
लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए विभाग 16 शिविर पौंग जलाशय, 17 शिविर गोबिंद सागर, दो शिविर कोल डैम, दो शिविर चमेरा और दो शिविर रणजीत सागर में लगाएगा।
पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मत्स्य विभाग की ओर से प्रतिवर्ष सामान्य जलाशयों में दो माह के लिए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है।
इस अवधि में अधिकतर महत्वपूर्ण प्रजातियों की मछलियां प्रजनन करती हैं, जिससे पानी में मछली बीज संग्रहण हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मत्स्य पालन विभाग की ओर से जलाशयों में भारतीय मेजर कार्प एवं सिल्वर कार्प प्रजाति का मछली बीज संग्रहण किया जाएगा।
इस अवधि के दौरान प्रदेश के जलाशयों में कार्यरत 4090 मछुआरों को बंद सीजन राहत भत्ता योजना के अंतर्गत दो माह के लिए 1500 रुपये की राशि प्रति मछुआरा प्रति माह प्रदान की जाएगी।