जिस बात का डर था, वही हुआ। जीरो डिग्री तापमान में नंगे पांव दौड़कर जिला स्तर पर गोल्ड जीतने वाली बख्शो देवी धर्मशाला सिंथेटिक ट्रैक पर उतरीं तो बुलंद हौसले के साथ, लेकिन पथरी के असहनीय दर्द के चलते दौड़ पूरी नहीं कर पाई। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की पांच हजार मीटर स्पर्धा में ट्रैक पर जैसे ही दूसरा चक्कर शुरू हुआ चेस्ट नंबर 25 के साथ दौड़ रहीं ऊना के ईसपुर
की उड़नपरी के पेट में पथरी का दर्द शुरू हो गया। पेट पकड़ दूसरा चक्कर जैसे-तैसे पूरा कर लिया। तीसरे चक्कर में भी बख्शो पूरा जोर लगाती रही। जब तक दर्द सहा दौड़ती रही और फिर लड़खड़ाकर ट्रैक में गिर गई। काफी देर तक कोच उसके दर्द को कम करने में लगे रहे।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में बख्शो ने कहा कि आप सब की उम्मीदों पर खरा न उतरने का मुझे रंज है, लेकिन पथरी को मात देकर मैं फिर ट्रैक पर उतरूंगी और सबको पछाड़ूंगी। उसने बताया कि तेज दर्द के चलते वह जब तक दौड़ सकती थी पूरा जोर लगाया। स्पर्धा के बाद अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ट्रैक सूट और शूज देकर बख्शो का हौसला बढ़ाया।
अमर उजाला के सहयोग से होगा इलाज
बख्शो देवी की राह में अब पथरी रोड़ा नहीं बनेगी। अमर उजाला के सहयोग और देखरेख में अब जल्द ही उसका इलाज होगा। मंडी के सैणी मोहरी निवासी महेंद्र सिंह गुलेरिया और सोलन के मुकेश भी बख्शो देवी का इलाज करवाने आगे आए हैं। अमर उजाला जल्द ही बख्शो की मां से मिलकर इलाज करवाएगा ताकि अब बख्शो दोबारा दौड़े तो उसके चेहरे पर जीत की खुशी हो न कि पथरी की पीड़ा।
कोई पूछे तो कहना चैंपियन बनूंगी- युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की संयुक्त निदेशक सुमन रावत ने जब बख्शो से उसके भविष्य के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। इस पर सुमन रावत ने कहा कि ऑफिसर तो तुम बन ही जाओगी पर पहले तुम्हें चैंपियन बनना है। अब जब भी तुमसे कोई पूछे आगे चलकर क्या बनना है तो जवाब केवल एक ही होना चाहिए....चैंपियन बनना है।
ईसपुर के प्रधानाचार्य पहुंचे हौसला बढ़ाने
धर्मशाला में राज्य स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में बख्शो देवी का हौसला बढ़ाने रावमापा ईसपुर के प्रधानाचार्य सोमनाथ भाटिया खुद पहुंचे थे। उनके साथ डीपीई यशपाल कुमार और पीटीआई तरसेम सैणी भी थे। सोमनाथ भाटिया ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बख्शो स्कूल, ऊना जिले और हिमाचल का नाम रोशन करेगी।
बुजुर्ग महिला ने मौके पर दिए 1500 रुपये- सिंथेटिक ट्रैक धर्मशाला में राज्य स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में धर्मशाला की बुजुर्ग महिला पुष्पा रैना बख्शो की दौड़ को देखने के लिए पहुंची थी। बख्शो के प्रदर्शन से प्रभावित पुष्पा रैना ने उसे 1500 रुपये नकद इनाम स्वरूप दिए।
बख्शो भले ही स्पर्धा से बाहर हो गई लेकिन उपचार के बाद फिर ट्रैक पर उतरेगी। उसे स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूल में वार्षिक परीक्षा के बाद उसे विशेष ट्रेनिंग देकर आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। -भागीरथ चौधरी, बख्शो देवी के कोच
उड़नपरी को नहीं मिली स्वास्थ्य सुविधा
हिमाचल की उड़नपरी को धर्मशाला के सिंथेटिक ट्रैक में हुई राज्य स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाई। प्रतियोगिता में प्रदेश भर की करीब 120 धावकों ने ट्रैक पर दौड़ लगाई लेकिन इनके स्वास्थ्य की किसी को भी चिंता नहीं थी।
आयोजन स्थल पर न एंबुलेंस थी और न ही कोई डॉक्टर। प्रतियोगिता में 5,000 मीटर की लंबी दौड़ स्पर्धा में दौड़ते ही बख्शो देवी के पेट में दर्द शुरू हुआ। दर्द से बख्शो ट्रैक पर गिर गई लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं था।
विभाग को लिखा था पत्र- प्रतियोगिता के लिए स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया था लेकिन प्रतियोगिता में स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचा। -एमपी भराड़िया, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी
ऑफिस रिकॉर्ड देखकर ही लगेगा पता- प्रतियोगिता के लिए किसी स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती हुई थी, इस बारे में ऑफिस रिकॉर्ड देखकर ही पता लग पाएगा। -डॉ. बीएम गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा