भूमि, रास्ते और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज मामले में आरोपी को जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने पाया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपी जांच में शामिल हो चुका है और उससे अब कुछ भी बरामद किया जाना शेष नहीं है।
मामला सुन्नी क्षेत्र का है। 25 फरवरी 2026 को हेमावती और हीरू राम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी महेशी लाल और उनके बेटे दुष्यंत कुमार ने जेसीबी से उनकी करीब 100 साल से कब्जे वाली भूमि, रास्ते और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचाया और उन्हें धमकाया।
शिकायतकर्ताओं का संबंध अनुसूचित जाति समुदाय से है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। शिकायतकर्ता और आरोपी की जमीन सटी हुई है। उनके बीच सीमाओं को लेकर पुराना विवाद है। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि पुलिस की आशंका कि आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ करेगा, किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।