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Shimla News: चिट्टा तस्करी मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

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प्रेस का आईडी कार्ड पहनकर कर रहा था तस्करी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विशेष एनडीपीएस अदालत (सीबीआई कोर्ट) शिमला के विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने 30.180 ग्राम चिट्टे की तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बरामद मादक पदार्थ की भारी मात्रा और मामले की गंभीरता को देखते हुए चार्जशीट दायर होने से पहले आरोपी को जमानत पर रिहा करना न्यायहित में उचित नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंडी निवासी आरोपी गोपाल सिंह कटवाल को पुलिस ने 16 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। पुलिस दल जब संकटमोचन के समीप गश्त पर था तब गुप्त सूचना मिली कि आरोपी चंडीगढ़ से चिट्टा लाकर शिमला के युवाओं को बेचता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तारादेवी रेन शेल्टर में दबिश दी जहां आरोपी पीठ पर बैग लटकाए बैठा मिला। तलाशी के दौरान उसके बैग से 30.180 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पुलिस ने पाया कि आरोपी ने गले में प्रेस का पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पहन रखा था। इसके बाद बालूगंज पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया।
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अदालत में आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी बेकसूर है और उसे मामले में फंसाया गया है। वहीं, लोक अभियोजक ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने पूछताछ में 58,000 रुपये में डेराबस्सी (चंडीगढ़) से यह हेरोइन खरीदने की बात स्वीकार की है। साथ ही आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल फोन का विवरण खंगाला जाना अभी बाकी है।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि मौके से बरामदगी और स्वतंत्र गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फिर दोबारा नशे के इस अवैध धंधे में संलिप्त हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए विशेष अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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