हिमाचल के जिला सिरमौर की बेला पंचायत की प्राथमिक पाठशाला बागना में सोमवार को एक भी छात्र स्कूल नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने देव दोष के चलते अपने बच्चों को स्कूल से हटाया है।
एसएमसी प्रधान देबो देवी ने बताया कि एसएमसी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि स्कूल की दूसरी मंजिल में जाने के लिए पक्की सीढ़ियां होनी चाहिए। लेकिन जिस व्यक्ति ने स्कूल के लिए जमीन दान में दी थी, वह सीढ़ी बनाने के लिए जमीन देने को तैयार नहीं।
इस पर ग्रामीणों ने जमीन दान देने वाले का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। स्कूल में कार्यरत कुक भी इसी परिवार की है। ग्रामीणों ने दबाव बनाया पर कुक को नहीं हटाया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में पहली से पांचवीं तक के अपने 10 बच्चों को यहां से हटा लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि सामाजिक बहिष्कार वाले परिवार के सदस्य द्वारा उनके बच्चों को खाना परोसने से उन पर देव दोष लगेगा। बीपीईओ शिलाई सुंदर सिंह ने कहा कि रिपोर्ट मांगी गई है।
स्कूल भी सवालों के घेरे में
वहीं, प्राइमरी स्कूल बागना को जमीन दान देने वाले व्यक्ति जगत सिंह ने बताया कि उन्होंने काफी समय पहले स्कूल के लिए चार बिस्वा जमीन दान दी थी। लेकिन स्कूल भवन उससे अधिक जमीन पर बना दिया गया। शिक्षा विभाग यदि उनके तर्क से सहमत नहीं है तो वह राजस्व विभाग से दोबारा निशानदेही कराए।
खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने अध्यापिका से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी उच्च अधिकारियों को न देने पर जवाब भी तलब किया है।