नौ दिन पहले बगलामुखी मंदिर की आय-व्यय की जानकारी न होने का हवाला देने वाले प्रशासन के पास अचानक मंदिर की 14 महीने की कमाई का हिसाब किताब आ गया है। प्रशासन की मानें तो बगलामुखी मंदिर ने सितंबर 2018 से दिसंबर 2019 तक 2 करोड़ 68 लाख 84404 रुपये कमाए हैं।
डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन प्रशासन यह भी कह रहा है कि सितंबर 2018 से पहले बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के आय व्यय की कोई जानकारी उसको नहीं दी गई है। प्रशासन के इस दावे पर अब सवाल यह उठ रहा है कि मंदिर ट्रस्ट सितंबर 2018 से पहले मंदिर की हर साल कमाई का आय व्यय का ब्योरा क्यों नहीं देता था।
क्या ट्रस्ट सितंबर 2018 से पहले आय व्यय का ब्योरा रखता भी था कि नहीं, यह सवाल गहराता जा रहा है। उधर, बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट अमर उजाला के सवालों से कन्नी काटता नजर आ रहा है। 21 फरवरी को दो दिन में मंदिर के आय व्यय का ब्योरा देने की बात कहने वाले ट्रस्ट ने अभी तक हर साल कमाई का हिसाब किताब सामने आकर नहीं दिया है।
बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रजतगिरी और मंदिर अधिकारी पवन बडियाल से मंदिर के आय-व्यय की जानकारी लेने के लिए अमर उजाला ने संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन दोनों समन्वय करने से बचते रहे।