इस पर उसे बघाट बैंक सोलन ने डिफाल्टर घोषित कर दिया। ब्याज सहित कुल देनदारी 3,49,26,957 रुपये बनती है। उक्त देनदारी को न चुकाने पर रविंदर नाथ के विरुद्ध सह सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन कोर्ट में लोन रिकवरी का मामला चल रहा है। रविंदर को बार-बार नोटिस दिए जा रहे थे। इसके बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद उक्त डिफाल्टर को पुलिस थाना कंडाघाट की टीम ने गिरफ्तार किया। उधर, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने उनकी अदालत पेश किया था। आरोपी ने एक लाख रुपये का चेक जमा करवा दिया। साथ ही अपनी संपत्तियों को बेचकर लोन चुकाने के लिए हामी भरी। इसके बाद फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के आदेश रद्द किए हैं।
बैंक की भी रही लेटलतीफी
इस मामले में बैंक की लेटलतीफी भी सामने आई है। आरोपी ने 2013 में बैंक से लोन लिया था, मगर आज तक न तो इसमें राशि जमा करवाई और न ही बैंक ने कोई एक्शन लिया। ऐसे में लोन और ब्याज की रकम 3.50 करोड़ के आसपास पहुंच गई। वहीं 2021 में आरबीआई ने लोन देने पर भी पाबंदी लगा दी थी और बैंक को लोन रिकवरी के लिए कहा था। बावजूद इसके डिफाल्टर से रिकवरी करने में बैंक नाकाम रहा।
13 डिफाल्टरों को फिर किए वारंट जारी
सहायक पंजीयक की अदालत ने 13 डिफाल्टरों के खिलाफ शनिवार को फिर से वारंट जारी कर दिए। अब तक सहायक पंजीयक की ओर से 35 डिफाल्टरों को वारंट जारी कर दिए गए हैं। इसमें शुरुआत में 12, शुक्रवार को 10 और शनिवार को 13 डिफाल्टरों के खिलाफ वारंट जारी किए गए। हालांकि, सहायक पंजीयक के पास करीब 200 फाइलें हैं। इन सभी की गिरफ्तारी होना तय है। हालांकि, गिरफ्तारी के डर से डिफाल्टर भी अब खुद सहायक पंजीयक की अदालत व बैंक पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी 15 लाख का लोन लेने वाले एक डिफाल्टर ने 3.50 लाख रुपये जमा करवा दिए।