रेलवे बोर्ड से जमीन की कीमत न मिलने पर बद्दी के किसानों ने दूसरे दिन भी सुबह के समय निर्माण कार्य नहीं चलने दिया। जिन किसानों के खेत से मिट्टी निकाली गई थी, उसे भी भर दिया। हालांकि दोपहर बाद करीब 4:00 बजे राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनका बचा हुआ पैसा जल्द दे दिया जाएगा। जिसके बाद किसानों ने काम शुरू होने दिया। बद्दी के राम गोपाल, मोहन लाल, हरबंस लाल, प्रवेश ठाकुर, सुमन देवी, कमला देवी, मदन गोपाल गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, संतराम, बिलांवाली गांव के बिट्टू सिंह, राज कुमार, विधि चंद और संडोली के गुरचरण को जमीन की कीमत नहीं मिली है लेकिन रेलवे बोर्ड ने उनकी जमीन खोद दी। जिससे यह सभी किसान भड़क गए और काम को रोक दिया। दूसरे भी काम नहीं चलने दिया।
किसान ठेकेदार से उनकी जमीन में खोदी गई मिट्टी को वापस डालने के लिए अड़े रहे जिस पर निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद चौहान ने दूसरे खेत से मिट्टी उठाकर इनके खेत भर दिए। रेलवे लाइन बनाने वाले कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद चौहान ने बताया कि उसकी कि 22 गाड़ियां सोमवार सुबह से खड़ी हैं। उन्हें प्रति घंटा एक लाख रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। रेलवे बोर्ड ने जमीन अधिग्रहण करने से पहले किसानों को उसकी कीमत देनी चाहिए थी। अब उनका कार्य प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर रेलवे विभाग के एसएससी लखविंद्र नारंग ने बताया कि हिमाचल के राजस्व विभाग को सूचित कर दिया गया था विभाग के किसानों को मिले आश्वासन के बाद ठेकेदार ने दोबारा कार्य शुरू कर दिया है। उधर रेलवे प्रोजेक्ट के ओएसडी सुभाष सकलानी ने बताया कि किसानों की पुरानी पेमेंट तो हो गई है लेकिन कुछ जमीन की पेमेंट बची हुई है, जिसे जल्द ही दे दिया जाएगा। किसानों को आश्वासन मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया।