योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा है कि मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता हैं, लेकिन जब जनसंख्या असंतुलित रूप से बढ़ने लगती है तो विकट स्थिति पैदा होना शुरू हो जाती है। हाल ही ही जारी धर्म आधारित जनसंख्या के आंकड़ों में हिंदुओं और सिखों की आबादी घटी है और एक वर्ग विशेष की आबादी बढ़ी है। यह मजहबी बात नहीं है, लेकिन राष्ट्र के लिए चिंता का प्रश्न हैं। रामदेव शनिवार को गुरुकुल में आयोजित हिमाचल के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत के अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे।
रामदेव ने कहा वह किसी मजहब विशेष की बात नहीं करना चाहते, लेकिन जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए या तो नैतिक तौर पर या फिर चीन की तर्ज पर कड़े कानून बनाए जाएं। जनसंख्या का संतुलित न होना किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए बाधक है। हम जमीन बढ़ा नहीं सकते संसाधन भी नहीं बढ़ा सकते। ऐसे में पेट भरने के संसाधन, शिक्षा और चिकित्सा के संसाधन नहीं बढ़े तो देश में हालात खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह कुरुक्षेत्र की भूमि से आह्वान करते हैं कि संतुलित जनसंख्या की दिशा में काम किया जाए।