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AYUSH Research Institute: हिमाचल में जड़ी बूटियों की खेती ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी को लगाएगी पंख

Fri, 01 Jul 2022 01:04 PM IST
Krishan Singh अनिल भंडारी, संवाद न्यूज एजेंसी, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)

सार

केंद्र सरकार के नेशनल मेडिसन प्लांट बोर्ड नगरोटा बगवां में जल्द प्रदेश का पहला प्रोजेक्ट स्थापित कर रहा है। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।  प्रदेश के तीन जगह ये प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। 
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जड़ी-बूटियां(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आवश्यक जड़ी-बूटियों की गुणवत्तापूर्ण खेती के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जाएगा। केंद्र सरकार के नेशनल मेडिसन प्लांट बोर्ड नगरोटा बगवां में जल्द प्रदेश का पहला प्रोजेक्ट स्थापित कर रहा है। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।  प्रदेश के तीन जगह ये प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। विधायक अरुण कुमार कूका के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट सर्वप्रथम नगरोटा बगवां उपमंडल की ग्राम पंचायत पटियालकड़ में स्थापित होगा। भारतीय चिकित्सा पद्धति, हर्बल गार्डन एंड हरवेरियम आयुष अनुसंधान संस्थान जोगिंद्रनगर के माध्यम से यह प्रोजेक्ट परवान चढ़ेगा।

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संस्थान प्रभारी एवं प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. उज्ज्वल दीप ने बताया कि संस्थान की नगरोटा बगवां के एसडीएम मनीष शर्मा, फॉरेस्ट कंजरवेटर और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक में फॉरेस्ट अधिकारी और पंचायत की सहमति से साइट फाइनल हो गई है। प्रोजेक्ट के तहत प्राथमिकता के आधार पर लुप्तप्राय: हर्बल तिरमिरा की कंजर्वेशन को चुना गया है। इसके लिए एक हेक्टेयर भूमि को डेवलप कर तिरमिरा के लगभग दो हजार पौधे रोपे जाएंगे। सोलर डायर, ग्राइंडर व श्रेडर जैसी सेमी प्रोसेसिंग मशीनें भी स्थापित होंगी। 

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