विधायकों के लिए विधानसभा स्तर से आवास आवंटन प्रक्रिया होती है, जबकि मंत्रियों के लिए सामान्य प्रशासन आवास आवंटित करता है। अब जब तक विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल आवंटन प्रक्रिया पर मुहर नहीं लगाते, विधायकों को आवास नहीं मिलेगा।
यही नहीं, पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो भाजपा विधायक थे और अब मंत्री बन गए हैं, वह भी विधायक को मिलने वाले कमरे को खाली नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के लिए यह स्थिति बड़ी विचित्र बनी हुई है।
अब विभाग चाहते हैं कि मंत्री और विधायक आपस में बात कर इस मामले को सुलझा सकते हैं। सचिवालय सामान्य प्रशासन से विधानसभा सचिवालय को आदेश जारी किए गए हैं कि वह औपचारिकताएं पूरी करें। इसको लेकर सरकार की ओर से विधानसभा सचिवालय को भी पत्र भेजा गया है।