उत्तरी अमेरिका और मैक्सिको में पाया जाने वाला एवोकेडो फल अब हिमाचल में भी आसानी से मिल सकेगा। डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी में एवोकेडो पर शोध शुरू हो गया है। महाविद्यालय में ट्रायल के आधार पर इसके पौधे लगाए गए हैं।
खास बात यह है कि गर्म और कोहरे वाले क्षेत्र में भी आसानी से इस पौधे की फसल हो सकती है। अन्य फल आमतौर पर कोहरे के कारण खराब हो जाते हैं। शोध के आधार पर शुक्रवार को वैज्ञानिकों ने कॉलेज नर्सरी में करीब 50 पौधे लगाए।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि पांच वर्ष बाद ये पौधे फल देना शुरू कर देंगे। निचले हिमाचल की जलवायु को एवोकेडो फल के अनुकूल माना जा रहा है। ट्रायल के बाद महाविद्यालय से यह ग्राफ्टेड पौधे बागवानी विभाग के माध्यम से बागवानों तक पहुंचेंगे।
एवोकेडो को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। नाशपाति के आकार के इस फल में कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन, विटामिन बी, सी, ई और विटामिन-के तथा पोटाशियम समेत अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह फल खासकर मधुमेह, हृदय की बीमारी से ग्रस्त मरीजों के लिए लाभदायक होता है।