राजधानी शिमला में लोगों को ऑटोमेटिक वाटर मीटर से पानी का बिल मिलेगा। सोमवार को वाटर मीटर बनाने वाली तीन कंपनियों ने निगम के समक्ष प्रेजेंटेशन दी। नगर निगम ने तीनों ही कंपनियों को तीन महीने के लिए शहर के अलग-अलग स्थानों पर निशुल्क दस-दस मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं।
इनमें से जिस कंपनी के मीटरों की रीडिंग स्टीक होगी उसे मीटर लगाने का काम सौंपा जाएगा।नगर निगम पहले चरण में शहर के कामर्शियल पानी के कनेक्शनों पर ऑटोमेटिक वाटर मीटर लगाएगा। नगर निगम के महापौर संजय चौहान ने बताया कि नगर निगम ने मीटर रीडिंग पर ही पानी के बिल जारी करने का फैसला लिया है।
मीटर रीडरों की कमी से ऑटोमेटिक मीटर लगाने का फैसला किया है। नगर निगम की टीम ने बेंगलूर में ऑटोमेटिक वाटर मीटर प्रणाली का निरीक्षण किया था। इसके बाद कंपनियों को प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया। बैठक में डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर, निगम आयुक्त पंकज राय, निगम अभियंता विजय गुप्ता और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता सुशील जस्टा मौजूद रहे।
ऑफिस में ही मिल जाएगी मीटर रीडिंग
मीटर रीडिंग के लिए एमसी कर्मचारियों को एक-एक मीटर के पास नहीं जाना होगा। एमसी आफिस में ही हर कनेक्शन की मीटर रीडिंग का पता लग जाएगा। दूसरी तरह के मीटर की रीडिंग दफ्तर में तो नहीं आएगी लेकिन एक जगह से ही पूरे क्षेत्र की रीडिंग मिल जाएगी।