प्रदेश सरकार जिला परिषद अध्यक्ष और सदस्यों की शक्तियां बढ़ाने जा रही है। पंचायतों में डंगों और गौशाला निर्माण के लिए जिला परिषद की ओर से बजट जारी किया जा सकेगा। उन्हें यह राशि पंचायती राज विभाग बीते वर्ष के पेंडिंग बजट से जारी करेगा।
अभी प्रदेश सरकार ने जिला परिषद की शक्तियां पर कटौती कर रखी है। प्रदेश सरकार से जारी राशि सीधे पंचायतों में देने का प्रावधान है। गुहार के बाद अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिप को बजट जारी करने की बात कही है।
नए बजट में सीधे पंचायतों को जाएगा पैसा
14वें वित्तायोग के तहत प्रदेश को मिलने वाली राशि सीधे पंचायतों को जाएगी। इसमें चेयरमैन और जिला परिषद सदस्यों का कोई रोल नहीं रहेगा। सिर्फ विभाग में लंबित राशि को खर्च करने तक ही ये शक्तियां दी गई हैं। पहले जिला परिषद अध्यक्षों और सदस्य को पहले पंचायतों में कोई भी कार्य करने के लिए कुल राशि की 50 फीसदी राशि खर्च करने की शक्तियां थीं।
सरकार से पास पहले से लंबित राशि को विकास कार्यों में खर्च करने के लिए जिला परिषद अध्यक्ष और सदस्य पंचायतों में डंगों और गौशाला निर्माण के लिए पैसा जारी कर सकेंगे। 14वें वित्तायोग से आने वाली राशि सीधे पंचायतों को जाएगी। - अनिल शर्मा, पंचायतीराज मंत्री