अटल टनल रोहतांग और जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की समृद्ध संस्कृति से रूबरू कराने वाली हिमाचल प्रदेश की झांकी गणतंत्र दिवस परेड के लिए फाइनल राउंड में पहुंच गई है। कोरोना के कारण झांकी के साथ गिनती के कलाकार रहेंगे। राज्य भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने केंद्र के अधिकारियों के समक्ष दिल्ली में झांकी के थ्रीडी मॉडल और वीडियो की प्रस्तुति दी है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति का संगीत भी प्रस्तुत किया गया। केंद्र सरकार ने प्रदेश की झांकी को फाइनल राउंड के लिए चुन लिया है।
अटल टनल रोहतांग लाहौल-स्पीति को पूरे साल देश के अन्य क्षेत्रों से जोड़ने के लिए अति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह सुरंग सामरिक दृष्टि से भी अहम है। इसे देश की सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हिमाचल भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक सुनील शर्मा ने कहा कि हिमाचल की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए फाइनल राउंड में पहुंच गई है। बुधवार को अटल टनल की झांकी के थ्रीडी मॉडल की प्रस्तुति वीडियो सहित दी है। किसानों की हड़ताल के कारण इस बार हिमाचल के कलाकार होमी चटर्जी की निगरानी में दिल्ली में आकर्षक झांकी तैयार की जाएगी। कोरोना के कारण झांकी के साथ गिनती के कलाकार रहेंगे।